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ओड़िशा के कंधमाल में कई परिवारों का पेट पालता है ये मुर्गा

गाँव कनेक्शन, 20 जून ओड़िशा के कंधमाल के सिरुबल्ली गाँव की कैफुला को इंतज़ार है अपने कड़कनाथ के वज़न बढ़ने का। बच्चों की तरह उसकी सेवा की है। अब वो बड़ा होकर उनका सहारा बनेगा। सिर्फ ढाई किलो भी अगर वज़न हो गया तो 700 रुपए तक वो कैफुला को अपने दम पर दिला देगा। जी हाँ, ये कड़कनाथ कोई और नहीं बल्कि एक मुर्गा है। कोंध जनजाति की कैफुला ने...

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‘उन सबको मार दिया गया है’– कोविड के बाद पोल्ट्री किसानों के लिए एक और विपदा लाया बर्ड फ्लू

-द प्रिंट, सुधीर कुमार को पोल्ट्री फार्म व्यवसाय में सिर्फ ढाई साल हुए हैं, लेकिन उन्हें ऐसा लगता है, जैसे सारी ज़िंदगी इसी में गुज़र गई है. बीते साल में, महामारी और उसके बाद लॉकडाउन्स ने, उनके कारोबार को अकल्पनीय नुक़सान पहुंचाया है. फार्म की कुल 50,000 मुर्ग़ियों में से आधी को, उन्हें खुद से मार देना पड़ा. कुमार ने दिप्रिंट को बताया, ‘हमने ज़मीन खोदी और उन्हें ज़बर्दस्ती दफ्न कर दिया....

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कोरोना के बाद चीन से एक और महामारी आने वाली है?

-लल्लनटॉप, अभी तक कोरोनावायरस से छुटकारा ही नहीं मिला है, चीन से एक और वायरस आ गया है. और आशंका जताई जा रही है कि ये वायरस कोरोनावायरस की तरह ही संक्रामक है. इस वायरस में भी कोरोना की तरह ही pandemic यानी महामारी बनने की क्षमता है. ये स्वाइन फ़्लू है. नए तरीक़े का. सोमवार को इससे जुड़ी एक रिसर्च प्रकाशित हुई है. दावा किया गया है कि आने वाले भविष्य...

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मक्का किसानों की मुश्किलें, समर्थन मूल्य से 750 रुपये नीचे भाव पर बेचने को मजबूर

-आउटलुक, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से 700 से 750 रुपये प्रति क्विंटल नीचे दाम पर मक्का बेचने को मजबूर किसानों की मुकिश्लें कम नहीं हो रही हैं। मक्का की दैनिक आवक आगे उत्पादक मंडियों में और बढ़ेगी, जबकि पोल्ट्री उद्योग की मांग सामान्य के मुकाबले 25 से 30 फीसदी ही आ रही है। ऐसे में खरीफ सीजन में भी मक्का की कीमतों में तेजी की संभावना नहीं है। मक्का कारोबारी राजेश गुप्ता...

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कोरोना वायरस से जुड़ी भ्रांतियों के कारण, हजारों छोटे महिला मुर्गीपालक किसानों को व्यवसाय में हुआ घाटा

-विलेज स्कवायर, कुंती धुर्वे, मध्य प्रदेश में होशंगाबाद जिले के केसला प्रशासनिक ब्लॉक के जामुंडोल गांव की एक लघु स्तरीय मुर्गी-उत्पादक हैं। केसला के कुल 15,000 परिवारों में से, लगभग 9,000 आदिवासी परिवार हैं। लगभग 13% अनुसूचित जाति से सम्बन्ध रखते हैं। कुंती धुर्वे 2001 में गठित एक सहकारी समिति, केसला पोल्ट्री सोसाइटी की अध्यक्ष भी हैं। मध्य प्रदेश के होशंगाबाद और बैतूल जिले के 47 गाँवों के आदिवासी और दलित समुदायों...

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