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एनएमएमएस ऐप और आधार-आधारित भुगतान प्रणाली से मनरेगा श्रमिकों के भुगतान में देरी: रिपोर्ट

द वायर, 14 मई  किसी देश को डिजिटल रूप से बदलने की इच्छा के लिए डिजिटल बुनियादी ढांचे की जरूरत होती है. हालांकि, भारत में ऐसा होता प्रतीत नहीं हो रहा है, विशेष तौर पर ग्रामीण इलाकों में, क्योंकि कई मनरेगा श्रमिकों ने अपनी मासिक मजदूरी मिलने में देरी होने की सूचना दी है. जहां केंद्र सरकार डिजिटल अर्थव्यवस्था पर जोर दे रही है, वहीं पर्याप्त बैंकिंग बुनियादी ढांचे की कमी और...

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आईटी नियमों में संशोधन के ख़िलाफ़ एडिटर्स गिल्ड, कहा- अकेले सरकार फेक न्यूज़ तय नहीं कर सकती

द वायर, 19 जनवरी एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने बुधवार को सरकार से आग्रह किया कि सोशल मीडिया कंपनियों को पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) द्वारा फर्जी माने जाने वाले समाचारों को हटाने के लिए निर्देश देने वाले आईटी नियमों में संशोधन के मसौदे को हटाया जाए. एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है, ‘गिल्ड मंत्रालय से इस नए संशोधन को हटाने और डिजिटल मीडिया के लिए नियामक...

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झीलों पर अतिक्रमण, अनियमित निर्माण बेंगलुरु की बाढ़ के मुख्य कारण

 मोंगाबे हिंदी, 02 जनवरी भारत की सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) का गढ़ बेंगलुरु, हाल ही में शहरी बाढ़ की वजह से सुर्खियों में बना हुआ था। इस साल अगस्त के अंतिम सप्ताह और सितंबर के पहले सप्ताह में लगातार बारिश होने की वजह से बेंगलुरु शहरी-बाढ़ से निपटने के लिए संघर्ष कर रहा था। पिछले 34 वर्षों के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए, इस साल बेंगलुरु में सितम्बर महीने के दौरान 131.6 मिलीमीटर बारिश...

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झीलों पर अतिक्रमण, अनियमित निर्माण बेंगलुरु की बाढ़ के मुख्य कारण

मोंगाबे हिंदी, 30 नवम्बर भारत की सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) का गढ़ बेंगलुरु, हाल ही में शहरी बाढ़ की वजह से सुर्खियों में बना हुआ था। इस साल अगस्त के अंतिम सप्ताह और सितंबर के पहले सप्ताह में लगातार बारिश होने की वजह से बेंगलुरु शहरी-बाढ़ से निपटने के लिए संघर्ष कर रहा था। पिछले 34 वर्षों के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए, इस साल बेंगलुरु में सितम्बर महीने के दौरान 131.6 मिलीमीटर बारिश...

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रद्द किए जाने के बाद भी आईटी एक्ट की धारा 66ए का इस्तेमाल गंभीर चिंता का विषय: सुप्रीम कोर्ट

द वायर, 8 सितम्बर सुप्रीम कोर्ट ने 2015 में उसके द्वारा रद्द की गई सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कानून-2000 की धारा 66ए के तहत अभी भी एफआईआर दर्ज किए जाने को ‘गंभीर चिंता का विषय’ करार देते हुए मंगलवार को राज्य सरकारों को नोटिस जारी किया. आईटी कानून की रद्द की जा चुकी धारा 66ए के तहत आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने पर तीन साल तक की कैद और जुर्माने का प्रावधान था. शीर्ष अदालत...

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