जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र के अंतर-सरकारी पैनल (आईपीसीसी) की रिपोर्ट उस समय आई है, जब हमारे सिर पर कई खतरे मंडरा रहे हैं। दिल्ली का बढ़ता वायु प्रदूषण फिर एक बार हमारी नीतियों पर सवाल खड़े कर रहा है। हरियाणा, पंजाब की पराली का धुआं फिर पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का गला घोंटने को तैयार है। पराली को जलाने की बजाय अन्य उपयोगों में लाने की कवायद असफल होती...
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रिपोर्ट में खुलासा: दुनिया की सर्वाधिक संकटग्रस्त नदी है गंगा
नयी दिल्ली : गंगा की बेहतरी के लिए भले ही केंद्र सरकार नमामि गंगा जैसी परियोजना के जरिये भारी-भरकम धनराशि खर्च कर रही है, बावजूद इसके देश की इस पवित्र नदी की सेहत नहीं सुधर रही है. अंतरराष्ट्रीय स्तर के एनजीओ वर्ल्ड वाइड फंड (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) ने इसे दुनिया की सबसे संकटग्रस्त नदी करार दिया है. रिपोर्ट के अनुसार, कोलकाता महानगर के आसपास इस नदी का प्रदूषण स्तर सर्वाधिक और खतरनाक...
More »गंभीर खतरा, सुस्त रवैया-- विनीत कुमार
हम एक ऐसे समय में जी रहे हैं जब धरती के वायुमंडल में ग्रीन हाउस गैस का स्तर पिछले 8 लाख वर्षों में उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है और फरवरी, 2018 में तो यह 408 पीपीएम के रिकॉर्ड आंकड़े को पार कर गया है। संयुक्त राष्ट्र संघ की एमिशन गैप रिपोर्ट 2017 कहती है कि पेरिस समझौते के अंतर्गत देशों की वर्तमान प्रतिबद्धताएं तापमान को 21वीं सदी के अंत...
More »जब डूबने लगेंगे तटीय शहर-- अरविन्द कुमार सिंह
जलवायु संकट की वजह से पिघलती बर्फ के कारण समुद्र का जल-स्तर इस सदी के अंत यानी वर्ष 2100 तक वैज्ञानिकों के पूर्वानुमान से दोगुने से भी ऊपर निकल जाएगा। यह चौंकाने वाली बात अमेरिका के कोलाराडो विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने ‘प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज' में प्रकाशित शोध में कही है। वैज्ञानिकों ने वर्ष 2100 तक समुद्र का जल-स्तर तीस सेंटीमीटर बढ़ने का अनुमान लगाया था। लेकिन...
More »केपटाउन कहीं भी दस्तक दे सकता है -- अनिल प्रकाश जोशी
दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन की जल त्रासदी चौंकाने से ज्यादा डराने वाली है। यह दुनिया के बेहतरीन शहरों में से एक माना जाता है और हमेशा अपनी खूबसूरती के लिए चर्चा में रहा है। लेकिन आज केपटाउन दूसरी वजह से सुर्खियों में है। यहां पानी का संकट अपने चरम पर पहुंच चुका है। पिछले एक दशक से वैसे भी यह शहर पानी की किल्लत से गुजर ही रहा था और...
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