Deprecated (16384): The ArrayAccess methods will be removed in 4.0.0.Use getParam(), getData() and getQuery() instead. - /home/brlfuser/public_html/src/Controller/ArtileDetailController.php, line: 150
 You can disable deprecation warnings by setting `Error.errorLevel` to `E_ALL & ~E_USER_DEPRECATED` in your config/app.php. [CORE/src/Core/functions.php, line 311]
Deprecated (16384): The ArrayAccess methods will be removed in 4.0.0.Use getParam(), getData() and getQuery() instead. - /home/brlfuser/public_html/src/Controller/ArtileDetailController.php, line: 151
 You can disable deprecation warnings by setting `Error.errorLevel` to `E_ALL & ~E_USER_DEPRECATED` in your config/app.php. [CORE/src/Core/functions.php, line 311]
Warning (512): Unable to emit headers. Headers sent in file=/home/brlfuser/public_html/vendor/cakephp/cakephp/src/Error/Debugger.php line=853 [CORE/src/Http/ResponseEmitter.php, line 48]
Warning (2): Cannot modify header information - headers already sent by (output started at /home/brlfuser/public_html/vendor/cakephp/cakephp/src/Error/Debugger.php:853) [CORE/src/Http/ResponseEmitter.php, line 148]
Warning (2): Cannot modify header information - headers already sent by (output started at /home/brlfuser/public_html/vendor/cakephp/cakephp/src/Error/Debugger.php:853) [CORE/src/Http/ResponseEmitter.php, line 181]
न्यूज क्लिपिंग्स् | हरियाणा : ढाई करोड़ वाली आबादी पर महज 13 सरकारी वेंटिलेटर, निजी अस्पतालों के आगे घुटने टेक रहे लोग

हरियाणा : ढाई करोड़ वाली आबादी पर महज 13 सरकारी वेंटिलेटर, निजी अस्पतालों के आगे घुटने टेक रहे लोग

Share this article Share this article
published Published on Apr 22, 2021   modified Modified on Apr 24, 2021

-डाउन टू अर्थ, कोरोना संक्रमण की दूसरी घातक लहर के बीच मरीजों के सामने वेंटिलेटर की मांग तेजी से बढ़ी है। दिल्ली में बिगड़ते हालात के कारण हरियाणा के अस्‍पतालों में देखने को मिल रहा है। हालांकि हरियाणा सरकार का दावा है कि प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में बेड और आईसीयू वेंटिलेटर हैं, लेकिन प्रदेश में हर रोज सात हजार से अधिक नए केस मिलने और दिल्‍ली में बेड नहीं मिलने पर वहां के मरीजों का गुरुग्राम, फरीदाबाद, बहादुरगढ़, पानीपत जैसे शहरों की ओर रूख करने के कारण आईसीयू और वेंटिलेटर की कमी हो गई है। मंगलवार को पानीपत में तीन लोगों की मौत वेंटिलेटर नहीं मिलने के कारण हो गई थी। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस समय हरियाणा में 2100 आईसीयू बेड की व्यवस्था की है और इस समय करीब 1360 मरीज आईसीयू में दाखिल हैं। 7101 ऑक्‍सीजन बेड हैं और 1084 वेंटिलेटर है। प्रदेश में कुल क्वारंटीन बेड 45 हजार हैं और आइसोलेट बेड 11500 हैं। प्रदेश में 181 समर्पित कोविड हेल्थ सेंटर, 526 कोविड केयर सेंटर और 43 कोविड अस्पताल हैं। अहम बात ये है कि इस समय हरियाणा में एक्टिव केसों की संख्या 50 हजार के पास पहुंच गई है। ढाई करोड़ की आबादी वाले हरियाणा में महज पांच अस्‍पतालों में 13 वेंटिलेटर मौजूद है। कोविड-19 के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. ध्रुव चौधरी का कहना है कि इस समय प्रदेश में निजी और सरकारी अस्‍पतालों में मिलाकर पर्याप्‍त इंतजाम किए गए है। मरीज वहीं आते हैं, जहां उन्‍हें बेड मिलते है। मरीजों को आने से रोका नहीं जा सकता है। निजी अस्‍पतालों के भरोसे है प्रदेश में वेंटिलेटर व्‍यवस्‍था भले ही सरकारी आंकड़ों में प्रदेश में एक हजार से अधिक वेंटिलेटर है, लेकिन इसमें 95 फीसदी वेंटिलेटर निजी अस्‍पतालों में है। प्रदेश के 22 सिविल अस्‍पतालों में से केवल पांच जिला अस्‍पतालों में 13 वेंटिलेटर की व्‍यवस्‍था है। सबसे अधिक रेवाड़ी के जिला अस्‍पताल में 5 वेंटिलेटर है। मेडिकल हब के रूप में विकसित 30 लाख की आबादी वाले गुरुग्राम में 233 वेंटिलेटर बेड की सुविधा है, लेकिन यह सभी निजी अस्‍पतालों में है। 200 बेड के सरकारी अस्‍पताल में एक भी वेंटिलेटर या आईसीयू नहीं है। जबकि प्रदेश में सबसे अधिक औसतन ढाई हजार कोविड-19 से संक्रमित मरीज गुरुग्राम में आ रहे है। स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के एक वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया कि सिविल अस्‍पताल के पास छह वेंटिलेटर थे, लेकिन तकनीकी तौर पर किसी डॉक्‍टर के पास परीक्षण नहीं होने के कारण वह रखे-रखे खराब हो गया। बाकी बिल्डिंग के शिफ्ट करने के बाद इस ओर ध्‍यान नहीं दिया गया। करोड़ों रुपये की मशीन खराब पड़ी हुई है। इसी तरह फरीदाबाद में 56 वेंटिलेटर कोविड केयर मरीजों के लिए हैं, जिनमें सभी निजी अस्‍पतालों में है। इसके अलावा यहां 134 आईसीयू कोविड मरीजों के लिए आरक्षित हैं। इसके विपरीत 208 आईसीयू में कोविड मरीजों को दाखिल किया गया है। कुरुक्षेत्र के सरकारी एलएनजेपी अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में गंभीर कोरोना पॉजिटिव मरीजों के लिए छह माह पहले बनाए गए आइसीयू में आज भी ताले लटके हुए हैं। अत्याधुनिक उपकरणों से लैस इस आइसीयू में चार वेंटिलेटर है, लेकिन प्रशिक्षित स्टाफ नहीं होने की वजह से बंद ही पड़ा है। अब यहां के मरीजों को स्थिति बिगड़ने पर निजी अस्पतालों या बड़े संस्थानों में रेफर कर दिया जाता है। एलएनजेपी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लज्जाराम ने बताया कि आइसीयू के लिए प्रशिक्षित स्टाफ की मांग की हुई है।

पूरी रपट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.


शाहनवाज आलम, https://www.downtoearth.org.in/hindistory/health/communicable-disease/haryana-only-13-government-ventilators-on-2-5-million-population-people-kneeling-in-front-of-private-hospitals-76614


Related Articles

 

Write Comments

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

Video Archives

Archives

share on Facebook
Twitter
RSS
Feedback
Read Later

Contact Form

Please enter security code
      Close