वैज्ञानिकों में भ्रम है कि हम उन्नत तकनीक की बात कर रहे हैं, तो पूर्व की परिस्थिति में ही सिर्फ निचली व मध्यम भूमि की उपयोगिता से काम चल जायेगा. लेकिन नयी परिस्थितियों में ऊपरी भूमि का उपयोग बढ़ाना जरूरी है. वहां ऐसी फसलें लगाने की जरूरत है जो कम पानी में और जल्दी तैयार हो जायें. जैसे मकई, मडुवा व 100 दिनों में तैयार होने वाला धान. मध्यम व निचली...
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जनसंख्या के बढ़ते बोझ को भोजन उपलब्ध कराने ऊपरी व शुष्क भूमि की उपयोगिता बढ़ाना है जरूरी
वैज्ञानिकों में भ्रम है कि हम उन्नत तकनीक की बात कर रहे हैं, तो पूर्व की परिस्थिति में ही सिर्फ निचली व मध्यम भूमि की उपयोगिता से काम चल जायेगा. लेकिन नयी परिस्थितियों में ऊपरी भूमि का उपयोग बढ़ाना जरूरी है. वहां ऐसी फसलें लगाने की जरूरत है जो कम पानी में और जल्दी तैयार हो जायें. जैसे मकई, मडुवा व 100 दिनों में तैयार होने वाला धान. मध्यम व निचली...
More »बदलते वातावरण के बीच खेती-बाड़ी की चुनौतियां- नई रिपोर्ट
देश की कृषि को दुनिया की कुल कृषि-भूमि का महज 2.4 फीसदी और कुल जल-संसाधन का सिर्फ 4.0 प्रतिशत हासिल है। तो, क्या इस सीमित संसाधन के बूते भारतीय कृषि दुनिया की 17.5 फीसदी आबादी(भारतीय) का पेट भरने की चुनौती सफलतापूर्वक निभा सकेगी ? हाल के सालों में इस चुनौती ने और भी ज्यादा गंभीर रुप धारण किया है क्योंकि वैश्विक तापन(ग्लोबल वार्मिंग) और उससे जुड़े पर्यावरणगत बदलावों के कारण देश...
More »भारत की खेतिहर आबादी में सबसे तेज गति से इजाफा- नई रिपोर्ट
बीते तीन दशक में भारत की खेतिहर आबादी दुनिया के दूसरे देशों के मुकाबले सबसे तेज गति से बढ़ी है। वर्ल्डवाच इंस्टीट्यूट के एक नये अध्ययन के अनुसार साल 1980 से 2011 के बीच भारत में खेतिहर आबादी में 50 फीसदी और चीन में 33 फीसदी की बढोतरी हुई है जबकि अमेरिका की खेतिहर आबादी में इसी अवधि में 37 फीसदी की कमी आई है। (कृपया देखें नीचे दी गई...
More »गुजरात : पांच रुपए में मिल रही है 20 किलो गोभी, फिर भी खरीदार नहीं
डीसा (गुजरात)। यहां किसानों पर एक बार फिर हालात की मार पड़ी है। हालत यह है कि 20 किलो पत्ता गोभी का पांच रुपए देने वाला भी नहीं है। वैवाहिक सीजन के बावजूद मांग नहीं। दो सप्ताह से यह स्थिति बनी है। इससे पहले भाव 100 से 150 रुपए के बीच था। बाजार में खरीददार न होने के चलते सब्जी उत्पादक किसान उपज पशुधन को खिलाने को विवश हैं। यह स्थिति उत्तर...
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