SEARCH RESULT

Total Matching Records found : 127

कुरदती आपदाओं से मौत में बिहार अव्वल, आपदाओं पर केंद्र बना कंजूस

-इंडिया टूडे, देश में 2019 में प्राकृतिक आपदाओं की 19 घटनाएं हुईं और उनमें कुल 1500 से अधिक लोगों की मौत हुई. इन मौतों में से करीब 63 फीसद मौतें भारी बरसात और बाढ़ आने की वजह से हुई हैं. भारत के पर्यावरण पर सेंटर फॉर साइंस ऐंड एनवायर्नमेंट की 2020 की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है. 4 जून को जारी इस रिपोर्ट में कहा गया है कि प्राकृतिक आपदाओं में...

More »

भारत की विकास दर के अनुमानों पर आरबीआई के बदलते बोल

-द कारवां,  22 मई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने भारत की आर्थिक स्थिति को "घेरती निराशा" के रूप में वर्णित किया. कोविड-19 से पहले भारत की सकल घरेलू उत्पाद का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "सभी अनिश्चितताओं को देखते हुए 2020-21 में सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि नकारात्मक रहने का अनुमान है, 2020-21 की एच 2 (दूसरी छमाही) से आगे कुछ गति पकड़ने...

More »

एक्सक्लुसिव इंटरव्यू: “पढ़ाई पटरी पर लाने के दिशानिर्देश जल्द” -रमेश पोखरियाल निशंक

-आउटलुक,  अचानक आई कोविड महामारी ने स्कूल-कॉलेज से लेकर सरकार तक, किसी को संभलने का मौका नहीं दिया। जिस समय संकट आया, उसी वक्त स्कूलों और कॉलेजों की परीक्षाओं के साथ उच्च शिक्षा संस्थानों की प्रवेश परीक्षाएं होती हैं। सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि छात्रों की पढ़ाई और साल बर्बाद न हो। छात्रों की परेशानियां दूर करने के लिए केंद्र सरकार क्या कदम उठा रही है, राज्यों...

More »

‘मन की बात’ करने वाले ‘मनरेगा’ की बात क्यों करने लगे?

-न्यूजलॉन्ड्री, बात मनरेगा के बहाने सामाजिक सुरक्षा की, आखिर क्यों पूरी दुनिया में धुर पूंजीवाद की वकालत करने वाले शासक भी संकट के समय साम्यवादी हो जाते हैं. 20 लाख करोड़ के विशेष पैकेज के तहत एक बड़ा हिस्सा (40,000 करोड़ रुपए) वित्तमंत्री निर्मला सीतारमन ने मनरेगा योजना में खर्च करने की घोषणा की है. यह हिस्सा केद्रीय बजट में घोषित मनरेगा फंड के अतिरिक्त होगा. खुद को बड़े गर्व से सोशली...

More »

रेड जोन में रहते हैं बैंकों के दो तिहाई कर्जदार

-इंडिया टूडे, कोविड-19 के असर से अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए सरकार की ओर से घोषित 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज की आज तीसरी किस्त आ गई. सरकार की ओर से अब तक जारी राहत पैकेज के केंद्र में बैंक हैं, नकदी है और कर्ज है. सरकार की कोशिश यह है कि सिस्टम में नकदी का प्रवाह कर उसे बैंकों के रास्ते जनता तक पहुंचाया जाए. यही दवा रेहड़ी वालों...

More »

Video Archives

Archives

share on Facebook
Twitter
RSS
Feedback
Read Later

Contact Form

Please enter security code
      Close