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न्याय की प्रतीक्षा में आदिवासी!- सी आर मांझी

भारतीय संविधान के आधार पर आदिवासियों की पहचान को अनुसूचित जनजातियों के नाम से जाना जाता है. परंतु यह सर्वज्ञात है कि भारत की आजादी के पूर्व और आजादी के बाद भी व्यावहारिक दृष्टिकोण से आदिवासी समुदाय में कोई विशेष परिवर्तन नहीं आया है. यह समाज अपने स्तर से अपनी असली आदिवासी की पहचान एवं परिचय को संजोकर आदिम परंपरागत निष्ठा, निश्छलता, आदर्श एवं धार्मिक आस्था को बनाये रखा...

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SC-ST प्रिवेन्शन एक्ट में रोहतास के जिलाधिकारी के खिलाफ जारी हुआ वारंट

किशनगंज : बिहार के किशनगंज की एक अदालत ने अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत रोहतास के ​जिलाधिकारी पंकज दीक्षित के खिलाफ वारंट जारी किया गया है. पंकज दीक्षित पूर्व में किशनगंज के जिलाधिकारी के पद पर कार्यरत थे. गत अप्रैल महीने में बिहार में बड़े पैमाने पर हुए आईएएस के स्थानांतरण के क्रम में उनका भी स्थानांतरण हुआ था. वर्तमान में रोहतास में जिलाधिकारी के पद पर तैनात...

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आदिवासियों के बाद अब ओबीसी समुदाय का सरकार के खिलाफ मोर्चा

रायपुर। छत्तीसगढ़ में चुनावी साल में आदिवासियों के बाद अब ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राज्य में ओबीसी आबादी करीब 52 फीसद है। आबादी के अनुपात में आरक्षण की मांग को लेकर ओबीसी लगातार आंदोलित होते रहे हैं। सोमवार को ओबीसी आंदोलन को हवा देने दिल्ली से स्वामी अग्निवेश यहां आ रहे हैं। सुभाष स्टेडियम के पास शासकीय बहुउद्देश्यीय उच्च्तर माध्यमिक विद्यालय...

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नई जमीन तलाशती राजनीति-- बद्रीनारायण

चुनावी राजनीति में कई बार छोटी दिखने वाली राजनीतिक पार्टी या राजनीतिक शक्ति महत्वपूर्ण हो उठती है। लोकतांत्रिक संयोग उसे सहसा महत्वपूर्ण बना देता है। कुछ सप्ताह पहले कर्नाटक विधानसभा चुनाव का पूरा विमर्श दो दलों- कांगे्रस और भाजपा पर केंद्रित था। चुनाव के बाद उपजी स्थितियों के कारण सहसा जनता दल (सेकुलर), जो तीसरे नंबर की पार्टी थी, महत्वपूर्ण हो उठी। इस घटना का दूसरा महत्वपूर्ण निहितार्थ राष्ट्रीय स्तर...

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भारत में दलितों की परवाह किसे है?-- कृष्णप्रताप सिंह

पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने 1989 के अनुसूचित जाति और जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के दुरुपयोग पर चिंता जताते हुए इससे जुड़े मामलों के अभियुक्तों की तुरंत गिरफ्तारी की जगह शुरुआती जांच की बात कही और दलित संगठनों ने इसको लेकर ‘भारत बंद' का आह्वान किया कई स्वनामधन्यों को उनका गुस्सा ही ‘समझ' में नहीं आया. ऐसे कई महानुभावों ने तो ‘ऐसे गुस्से का सबब?' पूछने से भी गुरेज नहीं किया....

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