-द वायर, गुजरात के अमरेली कस्बे के दो श्मशान घाटों में से एक कैलाश मुक्ति धाम में चार भट्टियां ख़राब होने की अलग-अलग स्थिति में हैं. शवों को रखने वाली लोहे की ग्रिल बिना रुके जलती हुई चिताओं के चलते पिघल चुकी है. किसान मगनभाई श्मशान घाट पर काम करने वाले एक वालंटियर हैं, जो अप्रैल और मई 2021 के उन दिनों, जब कोविड-19 ने शहर को तबाह कर दिया था, को...
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'बीते एक साल में 20 लोगों की भुखमरी से मौत, सभी वंचित तबके के'-- रोजी रोटी अधिकार अभियान
उत्तर कर्नाटक के नारायण, झारखंड के रूपलाल मरांडी, बरेली की सफीना अशफाक और ओड़ीशा के कुंदरु नाग के बीच क्या समानता हो सकती है ? शायद, कोई नहीं- सिवाय इसके कि ये सभी समाज के वंचित वर्ग के हैं और इन सबकी मौत पिछले एक साल के दौरान भुखमरी के कारण हुई तथा इन सभी को एक ना एक कारण से पीडीएस से अनाज नहीं मिल सका.(पिछले एक साल के...
More »आंधी-पानी से बिहार में एक महिला समेत चार लोगों की मौत, फसलों की हुई भारी क्षति
राजधानी समेत राज्य भर में रविवार की देर रात आये आंधी-पानी से फसलों को भारी नुकसान हुआ है. वहीं, पटना में एक, छपरा में दो और दरभंगा में एक की मौत हो गयी. बताया जाता है कि आंधी-पानी से आम की फसलों को काफी नुकसान हुआ है. इस संबंध में किसानों का कहना है कि रविवार की आधी रात का आये आंधी-पानी में करीब 30-40 फीसदी आम को नुकसान पहुंचा...
More »ओडिशा में 6 किसानों ने आत्महत्या की, सरकार पर लापरवाही के आरोप
ओडिशा के बारगढ़ में कम से कम 6 किसानों के आत्महत्या करने की खबर आ रही है. इन किसानों की फसलें कीड़ों के चलते खराब हो गई थीं. इलाके के डीएम ने मृतक किसानों के परिवारों को मुआवजा देने की बात कही है. इसके साथ ही डीएम खगेंद्र पाधी ने ये भी कहा है कि जिन किसानों की फसलें खराब हुई हैं उन्हें भी मदद दी जाएगी. फर्स्टपोस्ट हिन्दी पर प्रकाशित...
More »भूख नहीं जानती सब्र-- संजीव पांडेय
दुष्यंत कुमार का शेर है : भूख है तो सब्र कर, रोटी नहीं तो क्या हुआ। आजकल संसद में है जेरे-बहस ये मुद्दआ। शायर इसमें हुक्मरानों की खिल्ली उड़ा रहा है क्योंकि वह जानता है कि भूख सब्र नहीं जानती। इसके बावजूद हमारी व्यवस्था गरीबों का इम्तहान लेती रहती है। महज कुछ दिनों के अंतर पर ही झारखंड में भूख से तीन मौतें हुर्इं; उस राज्य में जो खनिज संसाधनों...
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