वर्ष 2019-20 का केंद्रीय बजट एक ऐसे वक्त में पेश होने जा रहा है, जब पूरा विश्व जटिल आर्थिक परिस्थितियों का शिकार है. विश्व की बड़ी औद्योगिक अर्थव्यवस्थाओं में अपस्फीति (डीफ्लेशन) की प्रवृत्ति एक ऐसा जोखिम बनकर उभरी है, जिसके प्रभाव से आगामी कई वर्षों के लिए वैश्विक विकास के अवरुद्ध हो जाने का खतरा मंडरा रहा है. वैसे, यह एक दूसरी बात है कि कच्चे तेल तथा अधिकांश जिंसों...
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छत्तीसगढ़ : एसटी और अल्पसंख्यक को लोन देने का लक्ष्य शून्य
मधुकर दुबे, रायपुर। रायपुर अंत्यावसायी सहकारी वित्त निगम को इस वित्तीय वर्ष 2017- 18 में एसटी और अल्पसंख्यक वर्ग को लोन देने की शासन ने हरी झंडी नहीं दी। इसके निर्धारण में अधिकृत रूप से आदिम विकास वित्त विभाग को निर्णय लिया जाना था, लेकिन विभागीय उच्चाधिकारी की दलील है कि लोन मिलेगा। वहीं अंत्यावसायी विभाग के अफसर इस बार हितग्राहियों की संख्या लक्ष्य में शून्य दर्शाया है। इसके साथ ये...
More »बुनियादी ढांचा सुधरने से थमेंगी कीमतें-- रमेश कुमार दुबे
बंपर उत्पादन और तमाम सरकारी उपायों के बावजूद महंगाई दर में बढ़ोतरी से साबित होता है कि वितरण के मोर्चे पर अभी बहुत कुछ करना है। पिछले साढ़े तीन वर्षों में मोदी सरकार ने ग्रामीण सड़कों, सिंचाई, फसल बीमा और बिजली आपूर्ति के क्षेत्र में अहम सुधार किया है लेकिन भंडारण-विपणन ढांचे में सुधार अभी भी दूर की कौड़ी बना हुआ है। यही कारण है कि कुछ महीने पहले तक...
More »लुप्त होती तटीय सुरक्षा पंक्ति--- रमेश कुमार दुबे
इस साल अच्छी मानसूनी बारिश से जहां किसानों के चेहरे खिल उठे हैं वहीं देश के कई हिस्से बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। इस बाढ़ की वजह अच्छी बारिश उतनी नहीं है जितनी कि विकास की अंधी दौड़ में पानी के कुदरती निकासी तंत्र को भुला दिया जाना। शहरों का विकास नदियों के बाढ़ क्षेत्रों, तालाबों व समीपवर्ती कृषि भूमि की कीमत पर हो रहा है। शहरों के...
More »डीयू : एसओएल के लिए 90 हजार छात्रों ने कराया रजिस्ट्रेशन
शैलेंद्र सिंह, नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के कॉलेजों के लिए जारी ग्रेजुएशन की दाखिला प्रक्रिया के इतर स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) एक नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ रहा है। 15 जुलाई से ग्रेजुएशन के पांच पाठ्यक्रमों के लिए शुरू हुई दाखिला प्रक्रिया को अभी मात्र 15 दिन ही गुजरे हैं और दाखिले के लिए पंजीकरण की संख्या 90 हजार के पार पहुंच गई है। इतना ही नहीं, इस बार...
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