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'वोकल फॉर लोकल' का बेहतरीन उदाहरण है नीलगिरी में बसा यह 'टी स्टूडियो', जिसे स्थानीय महिलाएं ही करती हैं संचालित

-गांव कनेक्शन, नीलगिरी की चाय के बारे में लिखना थोड़ा मुश्किल है। यह बताने की ज़रूरत नहीं है कि घुमावदार पहाड़ियों में ये चाय के बागान कैैसे दिखते हैं। हरियाली से ढंके इस इलाक़े में लाल रंग की एक छोटी सी बिल्डिंग बरबस अपनी तरफ़ आकर्षित करती है। लाल रंग की ये बिल्डिंग मुस्कान खन्ना का आकर्षक टी स्टूडियो है, जो तमिलनाडु के नीलगिरी में कट्टाबेट्टू के एक छोटे से गांव...

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शंख घोष: हममें से कोई पूर्ण नहीं, सब आंशिक ही हैं…

-द वायर, ‘बंगाल का विवेक आज विदा हो गया.’ लेखक मित्र कुमार राणा ने बिना किसी भावुकता के कहा. शंख घोष के न रहने की खबर सुनकर कुमार को फोन किया था. अभी उनका जाना प्रतीकात्मक ही है. बंगाल में जिस बदलाव की धमक नहीं, धमकी है, उस समय शंख घोष का उससे दूर चले जाना क्या एक सूचना है? कवि को उसके समाज का, जनता का अनिर्वाचित विधायक कहा जाता है. उसकी...

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मिलिए बगिया वाले बाबा से, जिन्होंने लगाए 3.5 लाख से ज्यादा पेड़

-डाउन टू अर्थ, उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के मीगनीं गांव के रहने वाले 61 साल के माताप्रसाद तिवारी बगिया वाले बाबा के नाम से लोकप्रिय हैं। लेकिन एक वक्त ऐसा भी था जब लोग उन्हें पागल कहने लगे थे। दरअसल 1989 में जब उनके गांव में सूखा पड़ा तो वह अपनी नौकरी छोड़कर पूरा समय वृक्षारोपड़ को देने लगे। तब गांव वालों को उनका यह प्रयास पागलपन लगता था, इसलिए...

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त्रासदी: उत्तराखंड के पहाड़ों से खिलवाड़!

-न्यूजक्लिक, धौलीगंगा रुष्ट हो गईं और उन्होंने भारी विनाश कर दिया। चमोली स्थित तपोवन विष्णुगाड का पॉवर प्लांट तहस-नहस हो गया। और उसकी टनल्स में मौजूद क़रीब डेढ़ सौ लोगों का अभी तक पता नहीं चला है। जबकि इस हादसे को दो हफ़्ते से ऊपर हो चुके हैं। आईटीबीपी और एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की टीमों ने खूब प्रयास किया लेकिन लापता लोगों में से कुल 40 शव ही ढूँढ़ सकी। तपोवन...

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पंचतत्व: ये खलनायक हरियाली, जो हमारे जंगलों को चट कर रही है…

-जनपथ, साल 2017 की बात है जब कर्नाटक के गुंदुलुपेट-ऊटी मार्ग पर बांदीपुर नेशनल पार्क में करीब 715 वर्ग किलोमीटर जंगल जलकर स्वाहा हो गया था. वजह थी लैंटाना झाड़ी, जो समूचे जंगल में छा गयी थी. लैंटाना नाम शायद आपके लिए अपरिचित हो, पर इसकी झाड़ी से अपरिचित नहीं होंगे. झारखंड में हम लोग इसको पुटुस कहते हैं. लैंटाना अमूमन गर्मियों में सूख जाती है और बरसात में इसकी नयी पौध...

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