-इंडिया टूडे, ''अनिवार्य गतिविधियों को छोड़कर बाकी व्यक्तियों के लिए आवाजाही शाम 7 बजे से सुबह 7 बजे तक ‘कठोरता से प्रतिबंधित’ रहेगी...’’ —गृह मंत्रालय का परिपत्र, इंडिया टुडे (17 मई) की रिपोर्ट के अनुसार परिपत्र ने 'सवारी वाहनों और बसों के अंतर-राज्यीय आवागमन की अनुमति देकर प्रवासी मजदूरों को राहत’ प्रदान की (यदि दो पड़ोसी राज्य इसके लिए राजी हों). लेकिन राजमार्गों पर पैदल चलते जा रहे लाखों लोगों के बारे में...
More »SEARCH RESULT
क्या देश की सेहत के लिए जरूरी नये कीटनाशक कानून को पास करने की फुर्सत इस बार हमारी संसद को है?
-सत्याग्रह यवतमाल के धारवा में रहने वाले 35 साल के महेश पुरुषोत्तम गिरी को 2017 में हुई किसानों की मौतें आज भी दहला देती हैं. तब इस इलाके में कीटनाशक छिड़कने के काम में लगे 21 किसानों और खेतिहर मज़दूरों की मौत हो गई थी और एक हज़ार से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती करने पड़े थे. महाराष्ट्र सरकार की ओर से बनाई गई स्पेशल जांच टीम ने जब पूरे मामले की...
More »संकट में कर्नाटक के कॉफी किसान, बाढ़, सूखे से परेशान होकर बागान बेच रहे या आत्महत्या कर रहे
इस कड़ाके की ठंड में हमें गरमा-गरम कॉफी खूब भाती है। इसके लिए हम किसी रेंस्त्रा या कॉफी हाउस में 200-400 रुपए बड़ी आसानी से खर्च भी कर देते हैं, लेकिन क्या कभी कॉफी पीते समय हमने कॉफी की खेती करने वाले किसानों के बारे में सोचा है ? शायद आपका जवाब ना में ही आये। तो आपको बता दूं कि देश के सबसे बड़े कॉफी उत्पादक प्रदेश कर्नाटक के...
More »चुनौतियों से जूझता मीडिया-- आशुतोष चतुर्वेदी
मीडिया के खिलाफ एकतरफा फैसला सुनाने वाले आपको बहुत से लोग मिल जायेंगे. मीडिया पर टीका-टिप्पणी करना एक फैशन-सा हो गया है, लेकिन हम सब के लिए यह जानना जरूरी है कि मीडियाकर्मी कितनी कठिन परिस्थितियों में अपने काम को अंजाम देते हैं. पिछले दिनों एक व्हाट्सएप मैसेज वायरल हुआ- पहले अखबार छप के बिका करते थे, अब बिक के छपा करते हैं. इस संदेश...
More »सूखे में हो रही बारिश-- कुमार प्रशांत
किसान खुशहाल हो गये! अब किसान नेता अपने-अपने अांदोलन वापस ले लें. सूखे के अांकड़ों की ऐसी बारिश हुई है कि धरती अाप्लावित हो गयी है. प्रधानमंत्री ने कबीर-भूमि पर जाकर शताब्दियों का ऐसा कॉकटेल बनाया कि इतिहास अौर इतिहासकार सभी चारों खाने चित हो गये. उन्होंने ‘मेरे किसान भाइयों' की तरफ नजर घुमायी अौर एक ऐसी लकीर खींच दी कि किसान इधर अौर समस्याएं उधर रह गयीं. किसानों को...
More »