"यहां रोज़गार नहीं, एक दिन खेत की रखवाली न करो अन्ना जानवर पूरी फसल बर्बाद कर देते हैं, किसान क्या करे, बाहर कुछ तो काम मिल जाता है। यहां रहकर क्या करेंगे, "अपने घर के सामने खड़े शेखर सिंह अपने खाली होते गाँव के बारे में बताते हैं। उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के कबरई विकास खंड के एज हजार से ज्यादा आबादी वाले दमौरा गाँव में 40 प्रतिशत से...
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नौ पैसे का कर्ज माफ कर के क्यों ढिंढोरा पीट रही है योगी सरकार
नगीना (जिला बिजनौर, उत्तर प्रदेश) की किसान बलिया देवी को जब बताया गया कि प्रदेश की योगी सरकार ने उनका नौ पैसे (जी हां, नौ पैसे मात्र) का फसली ऋण माफ कर दिया है तो वे हैरान रह गईं. बहुत देर तक उनके मुंह से बोल ही नहीं फूटे. उमरी गांव (जिला हमीरपुर, उ प्र) की शांति देवी को प्रदेश के श्रम एवं रोजगार मंत्री मुन्नू कोरी ने किसान कर्ज माफी...
More »जान ले रही एक अफवाह -- आशुतोष चतुर्वेदी
जब एक अफवाह लोगों की जान लेने लगे, तो मान लेना चाहिए कि अब पानी सर से ऊपर बह रहा है और समय आ गया है कि केंद्र और राज्य सरकारें इसमें हस्तक्षेप करें, इसके खिलाफ जागरूकता अभियान चलायें. ऐसा कहा जाता है कि अफवाहों के पंख होते हैं, ये उड़ती हैं. इनकी गति इतनी तेज है कि एक राज्य से दूसरे राज्य की सीमाओं को लांघते इन्हें समय नहीं...
More »बारिश से तबाह किसानों को मोदी ने दी बड़ी सौगात
बिन मौसम बारिश और ओलावृष्टि से तबाह हुए लाखों किसानों को राहत देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बड़े ऐलान किए। नई व्यवस्था के तहत अब 50 फीसदी की जगह 33 फीसदी फसल खराब होने पर भी किसान मुआवजे के हकदार होंगे। प्रधानमंत्री ने मुआवजे की राशि में भी 50 फीसदी बढ़ोतरी का ऐलान किया। उन्होंने बैंकों से कहा कि वे बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों के ऋण का पुनर्गठन...
More »घर में भी नहीं, तो कहां सुरक्षित हैं बेटियां - सभाषिनी सहगल अली
बदायूं का नाम वर्षों तक एक भयानक तस्वीर के साथ जुड़ा रहेगा-एक पेड़ की डाल पर टंगी दो लड़कियों की लाश। पिछड़े वर्ग की दो चचेरी बहनों के साथ हुए बलात्कार और हत्या के आरोपी ही नहीं, लड़कियों के घरवाले की मदद से इन्कार करने वाले पुलिसकर्मी भी उसी जाति के थे, जिस जाति के प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। क्या इसलिए उन्हें किसी का डर नहीं था? काफी हंगामे के बाद...
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