शिमला। हिमाचल में भी ऐसे अन्ना हैं जिन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी। उनकी इस लड़ाई में अंतत: भ्रष्टाचारियों को मुंह की खानी पड़ी। पेश हैं ऐसे कुछ चेहरे जिन्होंने जनहित के लिए आवाज उठाई.. हौसले से उजागर हुई मनरेगा की धांधली कमला देवी, घरेलू महिला, मंडी मंडी के पंडोह कस्बे के सरहांडा गांव की कमला देवी ने 2007 में मनरेगा के खिलाफ प्रदेश में पहली एफआईआर दर्ज करवाई थी। कमला देवी को...
More »SEARCH RESULT
लोकपाल बिल ड्राफ्ट पर अन्ना हजारे और मंत्रियों में ठनी
नई दिल्ली. केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल के बाद अब दूसरे केंद्रीय सलमान खुर्शीद ने भी कहा है कि लोकपाल विधेयक से कुछ नहीं बदलेगा। ये दोनों मंत्री लोकपाल बिल के लिए बनाई गई संयुक्त समिति के सरकारी सदस्य हैं। सिब्बल के बयान से नाराज अन्ना हजारे ने कहा है कि यदि सिब्बल को प्रस्तावित लोकपाल बिल में विश्वास नहीं है तो वे कमेटी से इस्तीफा दे दें। अन्ना हजारे ने यह भी कहा...
More »लोकपाल कानून : अभी दूर की कौड़ी है लोकपाल कानून
भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना हजारे की मुहिम के बाद सरकार लोकपाल बिल का मसौदा तैयार करने के लिए एक समिति के गठन और इसे मानसून सत्र में सदन में पेश करने के लिए शनिवार को राजी हो गई। इससे सरकारी तंत्र में शीर्ष स्तर पर फैले भ्रष्टाचार पर नकेल कसने में मदद मिल सकती है, लेकिन यह तो शुरुआत है। इस बिल के कानून बनने का सफर काफी लंबा हो सकता...
More »शिक्षा का अधिकार कानून लागू कराने एक लाख अतिरिक्त शिक्षकों की आवश्यकता
भोपाल. स्कूल शिक्षा मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनीस ने कहा है कि नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम को लागू कराने के लिए एक लाख 3 हजार 687 अतिरिक्त शिक्षकों की आवश्यकता का आंकलन प्रदेश सरकार ने किया है। अकादमिक प्राधिकारी राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद द्वारा निर्धारित योग्यता होगी। परिषद द्वारा शिक्षकों की न्यूनतम योग्यता का निर्धारण किया जा चुका है और उसके अनुसार प्रदेश में शिक्षकों की भर्ती के लिए...
More »महिला साक्षरता में पिछड़े, कहां गए 7,600 करोड़
जयपुर. राजस्थान में पिछले दस साल में साक्षरता बढ़ाने के नाम पर भारी भरकम खर्च करने के बावजूद महिला साक्षरता केवल पौने नौ फीसदी बढ़ सकी। यह देश में सबसे कम है, जबकि बिहार, झारखंड जैसे पिछड़े माने जाने वाले राज्यों में यहां की तुलना में दोगुने से भी ज्यादा साक्षरता बढ़ी है। राज्य में जनगणना के नतीजों ने कागजी दावों की पोल खोल दी है। वर्ष 2002-03 से 2010 तक बालिकाओं...
More »