पिछले साल सर्वोच्च न्यायालय के सामने राजस्थान सरकार ने दावा किया था कि अरावली की पहाड़ियों में खनन पूरी तरह बंद है. लेकिन राष्ट्रीय राजधानी के मुहाने पर बसे सीकर जिले की तस्वीर ही इस दावे की पोल खोलने के लिए पर्याप्त है. शिरीष खरे की रिपोर्ट राजस्थान की राजधानी जयपुर को देश की राजधानी दिल्ली से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-8 के साथ ऊंट के आकार-सी उठती-बैठती अरावली पर्वत श्रृंखला...
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किसान यूनियन ने रुकवाई जमीन की कुर्की
गांव अकलिया के किसान हरभजन सिंह पुत्र साधु सिंह की जमीन की कुर्की भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां की गांव अकलिया इकाई के विरोध के चलते रुक गई है। जानकारी अनुसार अकलिया के किसान हरभजन सिंह की जमीन की कुर्की करने के लिए जिले की अफसरशाही ने रविवार को पहुंचना था। इसका पता चलते ही किसान यूनियन के वर्करों ने जत्थेबंदी के जिला नेता राज सिंह अकलिया की अगुवाई में सुबह...
More »मुश्किल है गरीबों की पहचान? : हर्ष मंदर
यदि आप किसी गांव में जाएं और ग्रामीणों से पूछें कि यहां रहने वाले लोगों में से कौन गरीब हैं, तो उनके लिए इस सवाल का जवाब देना कठिन नहीं होगा। शायद वे किसी दृष्टिहीन विधवा का नाम बताएं, या किसी बुजुर्ग दंपती की ओर इशारा करें, जो भीख मांगकर पेट भरते हैं, या कर्ज के बोझ तले दबे किन्हीं किसानों का उल्लेख करें। वे गरीबों की अपनी सूची में पिछड़ी जाति के...
More »मुद्दा: गरीब की नई परिभाषा
गरीबी: सभ्य समाज के इस सबसे बड़े अभिशाप को राष्ट्रपिता गांधी जी ने हिंसा का सबसे खराब रूप कहा। करेला उस पर नीम चढ़ा कि स्थिति यह कि गरीबों को 'गरीब' न मानना। हमारे हुक्मरानों ने गरीबों की नई परिभाषा गढ़ी है। अगर आप शहर में रहकर 32 रुपये और गांव में रहकर 26 रुपये प्रतिदिन से अधिक खर्च कर रहे हैं तो आप गरीब नहीं है। खुद को गरीब मानते...
More »बंट रहा सड़ा अनाज ताकि न गिरे गाज - प्रवीन कौशिक
फरीदाबाद. अफसरों की लापरवाही से हर साल गोदामों में सड़ने वाला अनाज गरीबों को बांटे जाने वाले अनाज में मिलाकर बांटने का गोरखधंधा जिले में धड़ल्ले से चल रहा है। नियमानुसार स्टाक में रखा अनाज खराब होने पर संबंधित अधिकारी को पेनल्टी भरना पड़ती है, मगर चौंकाने वाली बात यह है कि हर साल लाखों रुपए का अनाज खराब होने के बाद भी आज तक किसी भी अधिकारी से...
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