पिछले शुक्रवार को दिल्ली के प्रेस क्लब में पूर्व मंत्री, लेखक और संपादक अरुण शौरी ने ऐसा क्या कह दिया कि हंगामा खड़ा हो गया? एनडीटीवी पर सीबीआइ के छापों का विरोध करने के लिए हुई पत्रकारों की बैठक में कुलदीप नैयर, प्रणय रॉय, शेखर गुप्ता, राज चेंगप्पा भी बोले थे, लेकिन अरुण शौरी एकमात्र वक्ता थे, जिन्होंने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लिया. उन्होंने अपने भाषण में...
More »SEARCH RESULT
शुंगलू रिपोर्टः केजरीवाल सरकार के फैसलों पर उठाए सवाल
नई दिल्ली। दिल्ली में आम आदमी पार्टी के चीफ अरविंद केजरीवाल अभी मानहानि केस में फीस के बावल से निकले भी नहीं की शुंगलू कमिटी की रिपोर्ट ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इस रिपोर्ट में केजरीवाल पर नियमों की अनदेखी करते हुए अपने लोगों को फायदा पहुंचाने का आरोप लग रहे हैं। इस रिपोर्ट में केजरीवाल सरकार के कई फैसलों पर सवाल उठाए गए हैं। केजरीवाल सरकार द्वारा प्रशासनिक फैसलों में...
More »राजद्रोह कानून की समीक्षा कर रहा है विधि आयोग
नई दिल्ली (माला दीक्षित)। एक तरफ राज्य की सुरक्षा और सम्मान तथा दूसरी ओर दुरुपयोग की आशंकाओं के बीच उलझे राजद्रोह कानून की समीक्षा हो रही है। विधि आयोग भारतीय दंड संहिता (आइपीसी) की धारा 124ए में दिये गये राजद्रोह कानून की समीक्षा कर रहा है। आयोग इसके प्रभाव, दायरे और उद्देश्य, के साथ दुरुपयोग के पहलुओं को भी परखेगा। हालांकि राजद्रोह कानून पर आयोग की अलग से रिपोर्ट आने की...
More »जनपद सदस्य खा रहे कमीशन, सील-ठप्पा लगा देते हैं पावती
बलौदाबाजार, ब्यूरो। बलौदाबाजार जिले में भ्रष्टाचार का एक मामला चर्चित हो रहा है। जिले की पंचायतों को विकास कार्य की राशि जारी करने के बदले जनपद पंचायत सदस्य कमीशन लेते हैं और बाकायदा पावती के रूप में सील लगा पत्र सरपंच को दिया जाता है। डोंगरा गांव का एक ऐसा ही मामला इन दिनों सोशल मीडिया पर छाया है। जनपद पंचायत सदस्य जिलेराम कैवर्त्य ने नाली निर्माण और स्कूल मैदान...
More »प्रेस की आजादी और हमारा रिकॉर्ड-- रामचंद्र गुहा
मैं 1988 के पूर्वार्द्ध में उत्तराखंड में शोध कर रहा था, जब उसी क्षेत्र में एक बहादुर नौजवान पत्रकार की हत्या की खबर आई। उसका नाम उमेश डोभाल था। उसने शराब माफिया, पुलिस, आबकारी विभाग व स्थानीय राजनेताओं की सांठगांठ का पर्दाफाश किया था। उसे शराब ठेकेदारों के भाड़े के हत्यारों ने मारा था। 1988 के उत्तरार्द्ध में मैं दिल्ली में रह रहा था, जब लोकसभा द्वारा प्रेस की आजादी को...
More »