सुप्रीम कोर्ट ने देश के लाखों अस्थायी कर्मचारियों को राहत देते हुए बुधवार (26 अक्टूबर) को फैसला दिया है कि सभी अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी कर्मचारियों के बराबर वेतन मिलना चाहिए। देश की सर्वोच्च अदालत ने कहा कि "समान काम के लिए समान वेतन का सिद्धांत" पर जरूर अमल होना चाहिए। अदालत के इस फैसले से अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) पर काम कर रहे लाखों कर्मचारी लाभान्वित होंगे। जस्टिस जेेएस केहर और...
More »SEARCH RESULT
इतना काफी नहीं कर्मचारियों के लिए --- वरुण गांधी
कमजोर सेवा और कम उत्पादकता के कारण आम आदमी ही नहीं, निवेशक भी हमारी नौकरशाही की व्यवस्था को लेकर अच्छी राय नहीं रखते। फिर भी, इस सच्चाई को अनदेखा कर दिया जाता है कि सरकारी कर्मचारी, खासतौर से ऊंचे दर्जे के कर्मी, निजी क्षेत्र के कर्मियों के मुकाबले कम वेतन पर काम करने को मजबूर हैं। मसलन, 25 साल का अनुभव रखने वाले सरकारी डॉक्टर को औसतन 2.1 से 2.8...
More »11782 छोटे-बड़े अस्पताल, ड्रेसर के पद 1922, खाली 1596
पटना : राज्य के सरकारी अस्पतालों में अब ड्रेसर नहीं रह गये हैं. स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में कुल 1922 पद ड्रेसरों के स्वीकृत कर रखे हैं. स्वीकृत बल की तुलना में अभी महज 326 ड्रेसर विभिन्न अस्पतालों में सेवा दे रहे हैं. स्वीकृत संख्या के अनुसार वर्तमान में कुल 1596 ड्रेसर के पद रिक्त हैं. 1991 के बाद ड्रेसरों के नियमित बहाली ही नहीं हुई हैं. राजकीय...
More »कितने बदल रहे हैं हमारे गांव-- आर विक्रम सिंह
समस्याएं चिह्नित करना एक बात है, समाधान के रास्ते खोजना दूसरी बात। हमारे गांवों में अशिक्षा है, बेरोजगारी है, बीमारियां हैं, जमीनों के विवाद, मुकदमे हैं। जात-पांत की सामाजिक समस्याएं बरकरार हैं। हां, शोषण का वह रंग अब नहीं है, जो प्रेमचंद के उपन्यासों में मुखर होता है। कथित उच्च वर्ग में श्रम से अरुचि, दलित वर्ग में शिक्षा से अरुचि भी वहीं की वहीं है। नगरों की ओर पलायन...
More »ढाई लाख संविदा कर्मियों का मामला सरकार की प्राथमिकता में
भोपाल। मप्र सरकार ने राजनीतिक परिदृश्य, समय की मांग और चुनावी समीकरणों को देखते हुए अब पूरा जोर सरकारी कर्मचारियों को साधने पर लगा दिया है। कर्मचारियों की लंबित मांगों पर नजर दौड़ाई जा रही है और इन्हें पूरा करने के रास्ते खोजे जा रहे हैं। इस कड़ी में अब प्रदेश के ढाई लाख संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की मांग को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने एजेंडे में...
More »