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धर्म और जाति पर न हो वोट--- विश्वनाथ सचदेव

‘अभी रुग्ण है तेरे-मेरे जीने का विश्वास रे', इस पंक्ति में कवि ने जीने के विश्वास को परिभाषित करते हुए उन जनतांत्रिक मूल्यों-सिद्धांतों का हवाला दिया था, जिनके आधार पर हमने स्वतंत्रता पाने के बाद एक पंथ-निरपेक्ष, समतावादी राष्ट्र-समाज के निर्माण का संकल्प लिया था. यह त्रासदी ही है कि वैसा समाज, वैसी व्यवस्था आज भी एक सपना ही है. आज भी हमारा देश धर्मों, जातियों, वर्गों में बंटा हुआ...

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CSDS सर्वे: यूपी में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के ज्‍यादा शिकार हुए पढ़े-लिखे हिंदू नौजवान

छह दिसंबर 1992 का दिन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक काला दिन है। इसी दिन अयोध्या स्थित बाबरी मस्जिद को कारसेवकों की बेकाबू भीड़ ने गिरा दिया। उस घटना के 24 साल बाद भी उत्तर प्रदेश में कोई भी चुनाव उसके जिक्र के बिना पूरा नहीं होता। बाबरी मस्जिद गिराए जाने के बाद यूपी में पूरी एक पीढ़ी जवान हो चुकी है लेकिन ये मुद्दा अभी भी राजनीतिक रूप...

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साकार हो रहा है स्वच्छता का सपना - वेंकैया नायडू

महाराष्ट्र के वाशिम जिले में साईखेड़ा गांव की रहने वाली संगीता अहवाले ने अपने घर में शौचालय बनवाने के लिए अपना मंगलसूत्र तक बेच दिया। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में स्थित कोटाभारी गांव की 104 वर्षीय वृद्ध कुंवर बाई ने घर में शौचालय के निर्माण के लिए अपनी बकरियां बेच दीं। कोलारस ब्लॉक के गोपालपुरा गांव की आदिवासी दुल्हन प्रियंका अपनी ससुराल में शौचालय नहीं होने के चलते मायके लौट...

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बंगाल : उच्च शिक्षा पर 200 करोड़ खर्च करेगी ममता सरकार

सिलीगुड़ी. जहां एक ओर विरोधी राज्य में शिक्षा के स्तर में लगातार गिरावट को लेकर ममता सरकार पर सवालिया निशान लगा रहे हैं वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री नौंवी से लेकर बारहवीं तक के विद्यार्थियों को सबुजसाथी योजना के तहत साइकिल देकर उन्हें मोहने की कोशिश में लगी हैं. इसी सबुजसाथी योजना के तहत साइकिल वितरण के साथ ही बुधवार से राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का तीन दिवसीय उत्तर बंगाल...

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अंधविश्‍वास का इतना खौफ कि गांव के किसी घर में शौचालय नहीं

गुना। ध्रुव झा। जिले का एक गांव ऐसा भी है, जहां पक्का मकान तो दूर घरों में शौचालय तक नहीं हैं। यहां के कई जमीदार परिवार लखपति हैं। घरों में चार पहिया वाहन, एलईडी, फ्रिज, कूलर और बाइक हैं, लेकिन गांव के लोग संपन्न् होने के बाद भी खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। इसकी वजह भी बड़ी अजीबोगरीब है। दरअसल, यहां के लोग अंधविश्वास की वजह से घरों...

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