हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जजों की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव के लिए सरकार के सुझावों को सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने एक बार फिर नकार दिया है। कोलेजियम ने कहा है कि जजों की नियुक्ति में निर्णायक अधिकार सरकार के पास होने से न्यायिक स्वतंत्रता कमजोर होगी और संविधान की मूल विशेषता प्रभावित होगी। इस मुद्दे पर सरकार और न्यायपालिका के बीच गतिरोध दूर करने के लिए हाल ही में विदेश...
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पिछले 16 साल से कोई भी SC नहीं बना सुप्रीम कोर्ट का जज
भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश केजी बालाकृष्णन के 11 मई, 2010 को रिटायर होने के बाद, अनुसूचित जाति के किसी भी जज को सुप्रीम कोर्ट का जज नहीं बनाया गया है। साथ ही, वर्तमान के सभी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों में कोई भी अनुसूचित जाति से नहीं है, जबकि देश की कुल जनसंख्या का 16 प्रतिशत अनुसूचित जाति में आता है। अनसूचित जनजातियों की स्थिति भी ऐसी ही है। पिछले...
More »अदालतों में तारीख पर तारीख, सौ साल से एक केस में दांव-पेंच
रायपुर (निप्र)। अदालतों में जजों की कमी और मामलों के निपटारे में देरी कोई नई बात नहीं है, लेकिन जमीन-जायदाद के छोटे-मोटे विवाद में सौ बरस में फैसला नहीं हो पाना बड़ी बात है। हालात यह हैं कि अदालतों में ऐसी-ऐसी कानूनी दांव-पेंच और उलझनें हैं कि पीढ़ी दर पीढ़ी मामले चल रहे हैं और नतीजे नहीं निकल पा रहे हैं। अदालत के तारीख पर तारीख के चक्कर में राजधानी...
More »राजस्थान में 149 किशोर दुष्कर्म के आरोपी
जयपुर। एक तरफ देश भर में किशोर अपराधियों को लेकर बहस चल रही है, दूसरी तरफ राजस्थान में किशोर अपराधियों की संख्या चिंताजनक है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार, 2014 में 149 किशोरों को बलात्कार व दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया गया। इनमें से 14 तो गैंगरेप के आरोपी हैं। इस तरह से राजस्थान का स्थान देशभर में चौथा है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों को...
More »अदालत बनाम हुकूमत की नौबत! - संतोष कुमार
राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (एनजेएसी) कानून को असंवैधानिक ठहराने के सर्वोच्च अदालत के फैसले के बाद से ही इस पर सरकार और न्यायपालिका के बीच ठनी हुई है। सर्वोच्च अदालत कॉलेजियम प्रणाली पर अडिग है, अलबत्ता उसने इसमें सुधार के लिए लोगों से सुझाव जरूर मांगे हैं। सरकार भी इस मत पर कायम है कि एनजेएसी को असंवैधानिक ठहराने का फैसला संसदीय संप्रभुता को झटका है। वर्ष 1788 में प्रकाशित 'फेडरलिस्ट...
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