न्यूज़लॉन्ड्री, 08 नवम्बर नेशनल ओशनिक एंड एटमोस्फियरिक एडमिनिस्ट्रेशन फिशरीज (एनओएए) के एक नए आकलन के अनुसार, पिछले 2 वर्षों में उत्तरी अमेरिका के पश्चिमी तट पर रहने वाली ग्रे व्हेल की संख्या में गिरावट जारी है. इनकी आबादी अब 2015 और 2016 में अपने चरम से 38 प्रतिशत नीचे बताई जा रही है. रिपोर्ट बताती है कि 1994 में गणना शुरू होने के बाद से आबादी ने इस साल रिकॉर्ड पर सबसे...
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महामारी के काल में 'महिला कर्मी' और उनका 'मेहनताना'
किसी भी शख्स को रोटी, कपड़ा और मकान सहित अन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए पैसों की जरूरत पड़ती है। अधिकतर लोग पैसे कमाने के लिए रोजी करते हैं। लेकिन क्या आप ऐसी नौकरी करेंगे जहां आपको मजदूरी ही ना मिले? हमने पिछले न्यूज अलर्ट में ऐसे लोगों की पड़ताल की थी, जिन्हें किसी भी प्रकार का वेतन नहीं मिलता था। इस न्यूज़ अलर्ट में, महामारी के समय में,...
More »पोषण से खाली भारत की थाली
डाउन टू अर्थ, 27 अक्टूबर भारत के सामने सबसे बड़ी बुनियादी चुनौती खाद्य और पोषण असुरक्षा की है। इस विषय को बहुत तार्किक ढंग से समझे जाने की जरूरत है। विश्व में भारत को मज़बूत करने की शुरुआत देश को भीतर से मज़बूत करने की पहल से होगी। भूख की स्थितियों को नकारने से भारत की गरिमा में कोई विस्तार न होगा। वैश्विक भूख सूचकांक (ग्लोबल हंगर इंडेक्स) यह नहीं कहता कि...
More »केवल रोजगार के आंकड़े काफी नहीं, रोजगार में गुणपूर्णता जरूरी!
बेहतर आर्थिक वृद्धि मौजूदा दौर के हर ‘राष्ट्र राज्य’ की पहली प्राथमिकता है। और इस प्राथमिकता को हासिल करने के लिए जरूरी है अर्थव्यवस्था का पहिया तेज गति से घूमे। पहिए की गति उत्पादन (प्रोडक्शन) पर निर्भर करती है। जितना अधिक उत्पादन होगा उतने ही अधिक गति से पहिया दौड़ेगा। उत्पादन मुख्यत दो कारकों पर टिका रहता है–पहला पूंजी और दूसरा मजदूर। लेकिन मशीनें आ जाने के बाद उत्पादन के मामले में...
More »अमेरिका में यूनियन बनाने की मांग तेज़ी से बढ़ी, मजदूर आंदोलन के उभार का दौर
वर्कर्स यूनिटी, 20 अक्टूबर आज ToI की यह ख़बर देखकर अगस्त के एक पोस्ट का ध्यान आया, जो इस प्रकार था- अमेरिका में लेबर यूनियन होने के बारे में हुए गैलप के एक हालिया सर्वेक्षण में बड़ी संख्या में लोगों ने इसकी ज़रूरत बतायी है। यह आँकड़ा 1965 के आँकड़ों से 71 प्रतिशत अधिक है। इससे ध्यान आया कि हमारे देश में नए लेबर क़ानून आ रहे हैं। उसके हवाले से कुछ...
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