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जजों पर भ्रष्टाचार का आरोप: केस की सुनवाई में सामने आईं दिलचस्प बातें

सरकारी जमीन का 27 जजों के आवंटन को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान गुजरात हाईकोर्ट के सामने कई नाटकीय दृश्य पैदा हुए। सुनवाई के दौरान वकीलों के साथ हो रही जोरदार बहस के बीच चीफ जस्टिस वीएम सहाय ने यह बात भी कह दी कि कोर्ट में कई ऐसे घोटालों के मामले लंबित हैं जिनमें जजों के नाम शामिल हैं। सुनवाई के दौरान एक समय ऐसा...

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जजों की नियुक्ति में धांधली पर हाईकोर्ट से जवाब तलब

जजों की नियुक्ति के लिए दिल्ली में हुई न्यायिक सेवा परीक्षा-2014 के मूल्यांकन में धांधली के आरोप लगे हैं। इससे संबंधित एक रिट याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। कोर्ट ने अंतिम चरण के इंटरव्यू पर रोक तो नहीं लगाई लेकिन कहा कि नतीजे याचिका के निपटारे पर निर्भर करेंगे। इंटरव्यू 7 जुलाई को होना है। जस्टिस...

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इस सिस्टम ने की म‌हिलाओं की अनदेखी: केंद्र सरकार

केंद्र सरकार ने एक बार फिर से कोलेजियम सिस्टम को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि इस सिस्टम ने महिलाओं के साथ अनदेखी की। सरकार ने कहा कि कोलेजियम द्वारा बहुत कम संख्या में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में महिला जजों की नियुक्ति हुई। सरकार ने कहा कि राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (एनजेएसी) के जरिए उच्चतर अदालतों में महिला जजों की नियुक्ति भी पर्याप्त संख्या में होगी। अब तक जो...

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एनजेएसी पर सरकार-न्यायपालिका आमने-सामने

उच्च न्यायपालिका में जजों की नियुक्ति की नई प्रणाली एनजेएसी की संवैधानिक वैधता की सुनवाई के दौरान न्यायपालिका और सरकार सुप्रीम कोर्ट में आमने-सामने आ गई। सरकार ने कोलेजियम को अपारदर्शी और ऐसे लोगों को जज बनाने की सिफारिशें करने वाला तंत्र बताया, जो भ्रष्टाचार में और कदाचार लिप्त थे। केंद्र सरकार ने कहा कि कोलेजियम ने 59 वर्षीय एक महिला वकील को कोलकाता हाईकोर्ट का जज बनवाया, क्योंकि वह तत्कालीन...

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कानून और न्याय का तकाजा - हृदयनारायण दीक्षित

न्याय सर्वोच्च अभिलाषा है। संविधान, कानून और न्यायपालिका न्याय प्राप्ति के ही उपकरण हैं। सर्वोच्च न्यायालय संविधान और विधि का संरक्षक है। संसद ने संविधान प्रदत्त शक्तियों का सदुपयोग करते हुए जजों की नियुक्तियों के मामले में 99वां संविधान संशोधन पारित किया। संविधान (अनुच्छेद 368) की अपेक्षानुसार इसे आधे से ज्यादा राज्य विधानमंडलों ने भी अनुसमर्थन दिया। तदनुसार राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग अधिनियम भी पारित हुआ। संप्रति यह प्रावधान भारत...

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