सुमेधा पुराणिक चौरसिया, इंदौर। केस- इंदौर की 16 वर्षीय मनीषा की परिवार ने शादी करा दी। वह महीनाभर ससुराल में रही। इस बीच बाल विवाह की शिकायत हो गई। प्रशासन ने उसे ससुराल से मुक्त कराकर निराश्रित बच्चों की संस्था में रखवा दिया। उसे महीनेभर का गर्भ था। हाल ही में उसका प्रसव हुआ। केस- महाराष्ट्र की 17 वर्षीय कमला का परिवार ने बाल विवाह कराया। वह पंद्रह दिन ससुराल में...
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डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए तैयारियों की सूची में भारत 91वें स्थान पर पहुंचा
खुद को डिजिटल अर्थव्यवस्था और समाज में बदलने की तैयारियों की वैश्विक सूची में भारत पिछड़कर 91वें स्थान पर पहुंच गया है। इस सूची में सिंगापुर शीर्ष पर है। अन्य प्रमुख बाजारों में भी भारत पीछे है। रूस इस सूची में 41वें स्थान पर है। उसके बाद चीन पिछली बार से तीन स्थान चढ़कर 59वें, दक्षिण अफ्रीका 10 स्थान चढ़कर 65वें और ब्राजील 72वें स्थान पर है। जिनेवा स्थित विश्व आर्थिक...
More »हजारीबाग में ग्रामीणों ने खुद ही बना डाला पुल
शशि शेखर, हजारीबाग। सालों सरकार और प्रशासन का मुंह ताकते रहे। आश्र्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। फिर ठाना कि अब किसी के आसरे नहीं रहना। खुद मेहनत का निश्चय किया और हाथ से हाथ जोड़े। चार माह अनवरत एक दर्जन से अधिक गांवों के हजारों लोगों ने श्रमदान किया। चंदा कर पैसे जुटाये। हजारीबाग (झारखंड) के चौपारण स्थित लराही गांव में यह मेहनत अब रंग लाई है। बरसात से पहले...
More »राज्य के पास दूध, अंडा, मांस व ऊन उत्पादन का ब्योरा नहीं
पटना : राज्य में एक साल से मांस, अंडा, दूध और ऊन के उत्पादन में विकास या कमी का कोई ब्योरा नहीं है. देश के स्तर पर सभी राज्यों को तीन माह में एक बार प्रति व्यक्ति मांस, अंडा, दूध और ऊन का उत्पादन ओर खपत का ब्योरा केंद्र सरकार को देना होता है. इस ब्योरा के आधार पर राज्य सरकार भी पशुधन के विकास की योजना तैयार करती...
More »सहेजना जरूरी है बरसात का पानी-- अतुल कनक
भारत कृषि प्रधान देश है। आज भी देश के किसानों का एक बड़ा वर्ग अपनी फसलों के लिए बादलों की तरफ उम्मीद भरी निगाहों से देखता है। मानसून का अच्छा या बुरा होना, हमारी फसलों की पैदावार के अच्छे या बुरे होने को तय करता है। लेकिन बदली जीवन शैली में जिन लोगों का कृषि संबंधी गतिविधियों से सीधा सरोकार नहीं है, मानसून उनसे भी अपने यथोचित स्वागत की अपेक्षा...
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