कार्बन कॉपी, 27 फरवरी दरअसल दुनिया अब नए खेतों को बनता नहीं देख पाएगी। बजाय इसके खेतों का एकीकरण शुरू होगा। भारत जैसे देशों के साथ ही एशिया, अफ्रीका व उत्तरी अमेरिका के अधिकांश गरीब और विकासशील देशों के लिए यह एक ऐसा बदलाव है, जिसके बारे में हमने कभी नहीं सोचा था। और इसलिए हम इसके परिणामों के लिए तैयार नहीं थे। उदाहरण के लिए भारत में क्रियाशील कृषि जोतों की...
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खुले में शौच मुक्त का सरकारी दावा: हकीकत या फसाना
डाउन टू अर्थ, 13 जुलाई विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और यूनाइटेड नेशंस चिल्ड्रेन्स फंड (यूनिसेफ) के ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि भारत की ग्रामीण आबादी का कम से कम एक-छठा हिस्सा अब भी खुले में शौच करता है और एक-चौथाई के पास स्वच्छता की बुनियादी सुविधाएं तक नहीं है। 2 अक्टूबर 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) घोषित किया था। महात्मा गांधी की...
More »पंचायतों में महिलाओं की मौज़ूदगी से ऐसे बदल रही है गाँवों की तस्वीर
गाँव कनेक्शन, 5 जुलाई महोबा के मामना गाँव की पँच रह चुकी पनकुंवर अपने गाँव की महिलाओं के लिए मिसाल हैं। दरअसल पँचायत सदस्य के रूप में चुने जाने के बाद भी उनको रबर स्टैंप से ज़्यादा अहमियत नहीं दी जाती थी। अक्सर प्रधान रजिस्टर पर दस्तख़त लेने के लिए किसी न किसी को उनके पास भेज देते थे। लेकिन एक दिन उनके इसपर एतराज़ और सवाल पूछने से ये परम्परा...
More »राज्य वित्त आयोग की खराब हालत का विकेंद्रीकरण प्रक्रिया पर असर
मोंगाबे हिंदी, 30 मई ठीक 30 साल पहले भारत ने शासन का विकेंद्रीकरण करना शुरू किया और संविधान में संशोधनों के जरिए ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में स्थानीय निकायों को सशक्त बनाया गया। इस प्रक्रिया के हिस्से के रूप में, राज्यों के लिए राज्य वित्त आयोग गठन करने का एक आदेश भी जारी किया गया था। आयोग का काम हर पांच साल में स्थानीय निकायों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करना...
More »एनएसएसओ का सर्वे: केवल 49.8 % परिवार ही खाना बनाने के लिए स्वच्छ ईंधन का प्रयोग कर पा रहे हैं
ग्रामीण भारत के केवल 49.8 प्रतिशत परिवार ही खाना बनाने के लिए स्वच्छ ईंधन का प्रयोग कर पा रहे हैं। 46.7 प्रतिशत ग्रामीण परिवार खाना पकाने के लिए लकड़ी का उपयोग कर रहे हैं। वहीं शहरी क्षेत्रों के 6.5% परिवारों में खाना पकाने के लिए लकड़ी का प्रयोग किया जाता है। अगर बात करें पीने के पानी की तो केवल 39.1 प्रतिशत परिवारों के पास ही आवास के भीतर पीने के पानी की...
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