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इसरो जासूसी मामला : नई याचिका में नंबी नारायणन और पूर्व सीबीआई अधिकारियों के बीच "संदिग्ध" भूमि सौदे का आरोप

-कारवां, इसरो जासूसी मामले से संबंधित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत के समक्ष एक याचिका 1994 से 1996 तक हुई सीबीआई की जांच पर और सवाल उठाती है. इस साल 23 जुलाई को केरल के पूर्व पुलिस अधिकारी एस विजयन ने अदालत में याचिका दायर कर इसरो जासूसी मामले को फिर से शुरू करने और दोबारा जांच कराने का अनुरोध किया है. सीबीआई द्वारा 25 साल बाद मामले पर अपनी अंतिम रिपोर्ट में...

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मलियाना नरसंहार के 34 साल: हाशिमपुरा की तरह क्या यहां के पीड़ितों को न्याय मिल पाएगा?

-द वायर, 22-23 मई को मेरठ जिले के मलियाना गांव में हुए नरसंहार और मेरठ दंगों के दौरान जेलों में हिरासत में हुईं हत्याओं की 34वीं बरसी है. उस दिन उत्तर प्रदेश की कुख्यात प्रांतीय सशस्त्र पुलिस बल (पीएसी) द्वारा मेरठ के हाशिमपुरा मोहल्ले से 42 मुस्लिम युवकों उठाकर हत्या कर दी गई थी, जबकि अगले दिन 23 मई को पास के मलियाना गांव में 72 से अधिक मुसलमानों को मार...

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रंजन गोगोई इंटरव्यू: फैसले के बदले मुझे कुछ लेना ही होता तो महज....

-इंडिया टूडे, देश के प्रधान न्यायाधीश के पद से रिटायर होने के महज चार महीने बाद ही राष्ट्रपति की ओर से मनोनीत राज्यसभा सदस्यता की 19 मार्च को शपथ लेकर रंजन गोगोई ने अच्छा-खासा विवाद खड़ा कर दिया. विपक्षी नेताओं और कई न्यायविदों ने नैतिकता का सवाल उठाकर आरोप लगाया कि यह पद पर रहते हुए मोदी सरकार के पक्ष में दिए गए कई फैसलों के बदले गोगोई को सीधे-सीधे पुरस्कृत...

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गोधरा मामले में सज़ा सुनाने वाले जज को रिटायरमेंट के बाद गुजरात सरकार में मिला न्यायिक अधिकारी का पद

गांधीनगर: 2002 के गोधरा ट्रेन हमला मामले में जज के रूप में 11 दोषियों को फांसी की सजा सुनाने वाले गुजरात उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल पीआर पटेल को सेवानिवृत्त होने वाले दिन ही गुजरात सरकार ने विशेष अधिकारी (न्यायिक कार्यवाही) नियुक्त कर दिया. इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, पीआर पटेल ने राज्य सरकार के कानून विभाग में 1 जनवरी से अपना नया पदभार संभाल लिया है. वह जून 2017 में उच्च...

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जजों की नियुक्ति का जटिल सवाल - प्रो. मक्खनलाल

हाल में सुप्रीम कोर्ट में दो जजों की नियुक्ति के बाद कोलेजियम व्यवस्था एक बार फिर सवालों से दो-चार है। इस व्यवस्था पर विचार करने से पहले यह जानना जरूरी है कि आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी ने ऐसा क्या कुछ किया कि मौका मिलने पर न्यायाधीशों ने अदालती निर्णयों के माध्यम से सरकार से काफी कुछ न केवल छीन लिया, बल्कि जजों की नियुक्ति के मामले में शासन और...

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