Deprecated (16384): The ArrayAccess methods will be removed in 4.0.0.Use getParam(), getData() and getQuery() instead. - /home/brlfuser/public_html/src/Controller/ArtileDetailController.php, line: 150
 You can disable deprecation warnings by setting `Error.errorLevel` to `E_ALL & ~E_USER_DEPRECATED` in your config/app.php. [CORE/src/Core/functions.php, line 311]
Deprecated (16384): The ArrayAccess methods will be removed in 4.0.0.Use getParam(), getData() and getQuery() instead. - /home/brlfuser/public_html/src/Controller/ArtileDetailController.php, line: 151
 You can disable deprecation warnings by setting `Error.errorLevel` to `E_ALL & ~E_USER_DEPRECATED` in your config/app.php. [CORE/src/Core/functions.php, line 311]
Warning (512): Unable to emit headers. Headers sent in file=/home/brlfuser/public_html/vendor/cakephp/cakephp/src/Error/Debugger.php line=853 [CORE/src/Http/ResponseEmitter.php, line 48]
Warning (2): Cannot modify header information - headers already sent by (output started at /home/brlfuser/public_html/vendor/cakephp/cakephp/src/Error/Debugger.php:853) [CORE/src/Http/ResponseEmitter.php, line 148]
Warning (2): Cannot modify header information - headers already sent by (output started at /home/brlfuser/public_html/vendor/cakephp/cakephp/src/Error/Debugger.php:853) [CORE/src/Http/ResponseEmitter.php, line 181]
न्यूज क्लिपिंग्स् | कृषि बिल: जितनी आसानी से पीएम ने कह दिया, उतनी आसान नहीं है यह जीत

कृषि बिल: जितनी आसानी से पीएम ने कह दिया, उतनी आसान नहीं है यह जीत

Share this article Share this article
published Published on Nov 26, 2021   modified Modified on Nov 29, 2021

-न्यूजलॉन्ड्री,

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 नवंबर को तीनों कृषि कानूनों की वापसी की घोषणा करते हुए किसानों से माफी मांगी. किसान एक साल से दिल्ली के अलग-अलग बार्डर पर विवादित कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. पीेएम मोदी के ऐलान के बाद माना जा रहा है कि उनकी यह तपस्या सही साबित हुई.

हालांकि किसान नेता और भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा, “आंदोलन तत्काल वापस नहीं होगा, हम उस दिन का इंतजार करेंगे जब कृषि कानूनों को संसद में रद्द किया जाएगा. सरकार एमएसपी के साथ-साथ किसानों के दूसरे मुद्दों पर भी बातचीत करे.”

कृषि कानूनों की वापसी से किसान खुश हैं. वहीं कई वर्ग कानूनों को वापस लिए जाने से नाखुश भी हैं, खासकर भारतीय टीवी मीडिया कानूनों की वापसी को कई तरह से देख रहा है. पत्रकार इन वापस हुए बिलों की तुलना कई अन्य प्रदर्शनों और कानूनों से कर रहे हैं.

लेकिन एक बुनियादी सवाल यह है कि क्या यह आसानी से मिली हुई जीत है जिस पर जश्न मनाया जा रहा है? क्या यह वह जीत है जिसको लेकर 700 से ज्यादा किसानों की मौत हो गई? क्या यह उन लोगों के विश्वासों की जीत है जो पिछले एक साल से इस प्रदर्शन में शामिल हैं? क्या यह जीत उन लोगों की है जिन्होंने सरकारी हुक्मरानों के खिलाफ प्रदर्शन करने पर लाठी और डंडे खाए या उन लोगों की जो आतंकवादी, खालिस्तानी, देशद्रोही जैसे उपनामों से बदनाम किए गए?

क्या-क्या कहा गया किसानों को

प्रधानमंत्री मोदी से लेकर कई और नेताओं ने किसानों को इस बीच भला-बुरा कहा. मध्यप्रदेश की पर्यटन-संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर ने इंदौर में कहा, “पंजाब और हरियाणा में उच्च कोटि के दलाल, सुनियोजित तरीके से किसान आंदोलन को चला रहे हैं. इसमें वामपंथी सोच और 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' समाहित हो गए हैं.” उन्होंने कहा झूठ का षड्यंत्र ज्यादा दिन तक नहीं चलेगा.

हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाला ने किसान आंदोलन को लेकर कहा, “किसान का नाम आगे करके बहुत सारे लोग, विदेशी ताकतें, चीन, पाकिस्तान व भारत के दुश्मन देश, सरकार को अस्थिर करना चाहते हैं”.

जिस पंजाब राज्य के किसान सबसे ज्यादा इस प्रदर्शन में शामिल हैं. उसी राज्य के भाजपा प्रवक्ता हरिमंदर सिंह कहते हैं,“किसानों को पीटना ही उनसे निपटने का एक मात्र उपाय है. प्रधानमंत्री किसानों के साथ मानवता से पेश आ रहे हैं. मैं होता तो प्रदर्शन कर रहे किसानों को पीटता और जेल में डलवा देता.”

नई दिल्ली से सांसद, केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने 22 जुलाई 2021 को दिल्ली की सीमाओं पर विरोध कर रहे किसानों को कहा,“धरने पर बैठे किसान नहीं मवाली हैं.” यह बात उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कही.

पूरी रपट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. 


अश्वनी कुमार सिंह, https://hindi.newslaundry.com/2021/11/26/farmers-protest-agriculture-bill-pm-modi-media


Related Articles

 

Write Comments

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

Video Archives

Archives

share on Facebook
Twitter
RSS
Feedback
Read Later

Contact Form

Please enter security code
      Close