दीपशिखा सिकरवार/ हिमांग्शु वत्स, नई दिल्ली गुजरात चुनाव में गैर-शहरी क्षेत्रों में बीजेपी को झटका लगने से सरकार को लेकर किसानों की नाराजगी का संकेत मिला है। ऐसे में आगामी बजट में कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर अधिक जोर दिया जा सकता है। कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने ईटी को बताया कि सरकार पिछले कुछ समय से किसानों की आमदनी बढ़ाने के उपाय भी तलाश रही है। वह किसानों...
More »SEARCH RESULT
जापानी बुखार से मौत के बाद दंतेवाड़ा जिले में सात गांवों का सर्वे आरंभ
दंतेवाड़ा। जिले के गदापाल की मासूम की मौत जापानी बुखार एनसेफेलिटिस से होने की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य अमला सकते हैं। विभाग टीम अब गांव की घेराबंदी कर घर-घर दस्तक दे रही है। पिछले तीन दिन से गांव के करीब 400 घरों में 18 लोगों की टीम बुखार पीड़ित बच्चे और परिजनों का बायोडाटा ले रही है। इतना ही कैंप लगाकर बच्चों सहित अन्य लोगों का उपचार भी किया जा...
More »स्वच्छता के नायक--- जेपी चौधरी
स्वच्छ भारत अभियान की जोरदार शुरुआत से लगा था कि देश स्वच्छ होगा। नई स्वच्छता नीति का निर्माण करते हुए सफाई के बुनियादी ढांचे में परिवर्तन होगा। सफाई कार्यों का बड़े पैमाने पर मशीनीकरण होगा और सफाई कामगारों को मैला ढोने से निजात मिलेगी। लेकिन नतीजा वही ढाक के तीन पात रहा। न तो सफाई के परंपरागत तरीकों में कोई परिवर्तन आया और न ही सफाई कामगारों को मैला ढोने...
More »छत्तीसगढ़- स्कूलों में अब प्लेसमेंट एजेंसियों से होगी शिक्षकों की भर्ती
सुरेश देवांगन, कोरबा। शिक्षा विभाग अब स्कूलों में शिक्षकों की सीधी भर्ती नहीं करेगा, इसकी जिम्मेदारी प्लेसमेंट एजेंसी को दे दी है। हाई व हायर सेकेंडरी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती अब आउटसोर्सिंग से की जाएगी। जिन स्कूलों में शिक्षक की कमी है, वहां भर्ती प्रक्रिया का दायित्व प्लेसमेंट एजेंसी को देने के लिए निविदा मंगाई गई थी। कोरबा सहित 11 जिलों में प्लेसमेंट कंपनी नियुक्त करने के लिए निविदा खोली...
More »फसल अच्छी हुई फिर भी किसान की प्रतिदिन आय केवल 82.5 रुपए
सारंगपुर (प्रदीप जैन/अकरम अंसारी)। खेती को लाभ का धंधा बनाने और किसानों की आय को दोगुना करने की बातें केवल प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के भाषणों तक सिमटी नजर आती हैं। किसानों की वास्तविक स्थिति देखें तो हालात कुछ और ही दिखाई देते हैं। वर्तमान में खेती-किसानी लाभ का धंधा तो दूर की बात आजीविका चलाने का साधन तक नहीं बन पाई है। किसानों की प्रतिदिन आय को देखकर यह अंदाजा...
More »