-द प्रिंट, महामारी के वर्ष में हल्दी की खपत बढ़ गई क्योंकि देश भर के लोगों ने इसे कोविड-19 के खतरे से निपटने के लिए रामबाण माना. केंद्र सरकार ने हल्के या बिना लक्षण वाले रोगियों में कोविड रोकथाम और उपचार के लिए हल्दी वाले दूध, काढ़ा और योग जैसे आयुर्वेदिक उपायों को अपनाने की सलाह दी. और, 2019-20 से 2020-21 में कच्ची हल्दी की घरेलू मांग में 300 फीसदी का उछाल देखा गया. खपत में इस...
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रोटी इंटरनेट से, पानी शेयर बाज़ार से
-न्यूजलॉन्ड्री, इस सप्ताह अमेरिकी स्टॉक बाज़ार में पानी की संभावित क़ीमतों पर बोली लगने की शुरुआत हो गयी है. यह इतिहास में पहली दफ़ा हो रहा है और इसी के साथ पानी भी सोने-चांदी, तेल, अनाज जैसी चीज़ों की क़तार में आ गया है, जिसकी क़ीमत अब वॉल स्ट्रीट पर तय होगी. दो साल पहले कैलिफ़ोर्निया में बने पानी का दाम तय करने वाले एक सूचकांक- नैसडैक़ वेलेस कैलिफ़ोर्निया वाटर इंडेक्स-...
More »सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए पहले एमएसपी बढ़ाई, फिर डीजल महंगा हो गया, हिसाब बराबर
-गांव कनेक्शन, लॉकडाउन के दौरान किसानों को भारी नुकसान हुआ है। ऐसे में सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए दो जून 2020 को धान समेत 14 खरीफ फसलों की एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) में बढ़ोतरी की घोषणा की। खरीफ फसलों में सबसे ज्यादा बुवाई धान की होती है। सरकार ने धान की एमएसपी 53 रुपए की बढ़ोतरी की है और उसके बाद से अब तक डीजल की कीमत प्रति...
More »तेल अचानक इतना सस्ता क्यों हो गया है?
-सत्याग्रह, बीते करीब एक हफ्ते में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई है. 10 मार्च को अचानक ब्रेंट क्रूड ऑयल 30 फीसदी की गिरावट के साथ 31 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. बीते जनवरी माह में यह आंकड़ा 66 डॉलर प्रति बैरल के आसपास था. पिछले 29 सालों में तेल के दाम में आई यह सबसे बड़ी गिरावट है. खाड़ी युद्ध के दौरान 1991 में...
More »तेल पर निर्भरता घटाने का वक्त - डॉ. जयंतीलाल भंडारी
भारत ने देर से ही सही, तेल निर्यातक देशों के संगठन ओपेक पर कच्चे तेल की कीमतों में कटौती के लिए दबाव डालते हुए उचित कदम उठाया है। यद्यपि 1 जुलाई से ओपेक ने कच्चे तेल के उत्पादन में लगभग 10 लाख बैरल प्रतिदिन (बीपीडी) की बढ़ोतरी की है, लेकिन हकीकत यह है कि कीमतें अब भी कम नहीं हो पाई हैं। नि:संदेह बीते कुछ वक्त से तेल की लगातार...
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