SEARCH RESULT

Total Matching Records found : 596

मीडिया की सुर्ख़ियों से गायब है अनाजों में बढ़ती 'महंगाई दर' की बात!

कुछ राज्यों में मानसून देरी से आया है इस कारण बोये गए चावल का इलाका पिछले वर्ष की तुलना में कम हुआ है. आंकड़ो में कहें तो 29 जुलाई,2022 तक 231.59 लाख हेक्टेयर रकबे में ही चावल बोये गए हैं जोकि पिछले वर्ष के इसी समय काल की तुलना में कम (267.05 लाख हेक्टेयर) है. बोये गए चावल के इलाके में आयी कमी सहित अन्य कारणों से अनाजों के दामों में महंगाई बढ़ने का डर...

More »

कारम नदी पर बने कच्चे डैम के टूटने का खतरा,11 गांव खाली कराए-ट्रैफिक डायवर्ट

 क्विंट हिंदी, 13 अगस्त मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के धार (Dhar) जिले में कारम नदी पर बने कच्चे डैम पर खतरा मंडरा रहा है. नालक्षा विकासखंड में कोठिदा गांव के पास मिट्टी बांध में रिसाव शुरू हो गया. इससे बांध की सुरक्षा खतरे में है. कच्चे बांध से रिसाव का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन की नींद खुली. जिसके बाद पिछले दो दिनों से मरम्मत का काम जारी है. वहीं एहतियात...

More »

पानी और साफ-सफाई

खास बात - भारत में खुले में शौच करने वाले लोगों की संख्या 626 मिलियन है। यह संख्या 18 देशों में खुले में शौच करने वाले लोगों की संयुक्त संख्या से ज्यादा है।# -ग्रामीण इलाकों में केवल २१ फीसदी आबादी के घरों में शौचालय की व्यवस्था है।* -पेयजल आपूर्ति विभाग के आंकड़ों के हिसाब से कुल १,५०,७३४९ ग्रामीण मानव बस्तियों में से केवल ७४ फीसदी में पूरी तरह और १४ फीसदी में...

More »

मनरेगा: 11 राज्यों से दिल्ली आए प्रदर्शनकारी मजदूरों की आपबीती

न्यूज़लॉन्ड्री,09 अगस्त मनरेगा योजना के अंतर्गत काम करने वाले मजदूर दिल्ली में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. उनका कहना है कि उन्हें कम काम, देरी से वेतन और कम वेतन के चलते उनकी जिंदगी दिन पर दिन बदहाल होती जा रही है. अलग-अलग प्रदेशों से आए मनरेगा के मजदूरों ने तीन दिन तक दिल्ली के जंतर-मंतर पर कम वेतन, वेतन भुगतान में देरी और काम की कमी को लेकर...

More »

सात साल में कितना बदला देश में पहले हैबिटेट राइट्स वाला बैगाचक?

मोंगाबे हिंदी, 14 जुलाई  देश में पहली बार 2015 में मध्यप्रदेश के बैगाचक के सात गांवों में वन अधिकार क़ानून के अंतर्गत पर्यावास अधिकार यानी हैबिटेट राइट्स दिए गये थे। लेकिन इस इलाके के लोगों को अब भी इसका ठीक-ठीक मतलब नहीं पता है। जिन सात गांवों को हैबिटेट राइट्स दिए गए थे, आज तक उनका एक प्रामाणिक नक्शा तक नहीं बन पाया है। देश में हैबिटेट राइटस से संबंधित दिशा-निर्देश के लिए...

More »

Video Archives

Archives

share on Facebook
Twitter
RSS
Feedback
Read Later

Contact Form

Please enter security code
      Close