-डाउन टू अर्थ, कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्रालय के अधीन चल रहे कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग का बजट लगातार घट रहा है। संसद के बीते शीतकालीन सत्र में कृषि, पशुपालन एवं खाद्य प्रसंस्करण की संसदीय समिति की रिपोर्ट में यह बात सामने आई। कमेटी ने कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान की गिरती दशा पर नाराजगी भी जताई। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग द्वारा जो प्रस्ताव...
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कर्ज की जंजीर तोड़ने और राजस्व बढ़ाने के लिए मोदी सरकार इस बजट में कर सकती है दो उपाय
-दी प्रिंट, जनवरी का महीना आते ही अगले केंद्रीय बजट के बारे में चर्चाएं शुरू हो जाती हैं. जैसा कि हर मामले में होता है, निरर्थक बातों को परे रखकर काम की बातों पर ध्यान देना ही बेहतर होगा. शुरुआत सरकारी कर्ज से करें, जो महामारी के कारण बड़े घाटे के चलते तेजी से बढ़ गया है. राजस्व की हानि के चलते खर्चों से बचना मुश्किल था, हालांकि वे अपेक्षाकृत रूप...
More »मनरेगा निधि का आवंटन: मांग आधारित काम की गारंटी का भुगतान
-आइडियाज फॉर इंडिया, केंद्र ने मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) के लिए वित्त पोषण हेतु अतिरिक्त राशि के रूप में रुपये 25,000 करोड़ की मांग की है। अश्विनी कुलकर्णी ने आधिकारिक आंकड़ों का उपयोग करते हुए सरल गणना के आधार पर यह तर्क दिया है कि वास्तविक निधि की आवश्यकता वास्तव में इससे बहुत अधिक है। चूँकि महामारी ग्रामीण आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है, सरकार को मांग...
More »संभल रही भारतीय अर्थव्यवस्था पर ओमीक्रॉन का खतरा, सुधार करने की जरूरत, बजट तक नहीं कर सकते इंतजार
-द प्रिंट, ऐसे समय में जब हम सब भारतीय कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के भयावह अनुभव से गुजरने के बाद थोड़ी सी राहत की सांस ले रहे थे, इसका एक नया संस्करण, ओमीक्रॉन, हर किसी से उसकी उम्मीदों और आशावादिता के ‘हरियाली’ (ग्रीन शूट्स) को छीन लेने के लिए आ धमका है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को बुखार और गले में खराश के मामलों को ओमीक्रॉन के लक्षणों...
More »वैक्सीन, किसान और अल्पसंख्यकों पर फर्जी खबरें: 2021 में कहां व्यस्त रहे भारत के फैक्ट-चेकर्स
-न्यूजलॉन्ड्री, साल 2021 में जो ख़बरें सुर्ख़ियों में रहीं उनमें प्रमुख थीं दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का विरोध प्रदर्शन, भारत में कोविड टीकाकरण, कोविड की विनाशकारी दूसरी लहर और चार राज्यों समेत एक केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव. वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्ज़े से जुड़ी ख़बरें छाई रहीं. यह वर्ष उपरोक्त सभी ख़बरों पर गलत सूचनाओं से भी भरा रहा. फैक्ट-चेकिंग पोर्टल्स ने इस साल कई फर्जी व्हाट्सएप...
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