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सुप्रीम कोर्ट ने नकारे सरकार के सुझाव -- आर. सेधुरमन

हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जजों की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव के लिए सरकार के सुझावों को सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने एक बार फिर नकार दिया है। कोलेजियम ने कहा है कि जजों की नियुक्ति में निर्णायक अधिकार सरकार के पास होने से न्यायिक स्वतंत्रता कमजोर होगी और संविधान की मूल विशेषता प्रभावित होगी। इस मुद्दे पर सरकार और न्यायपालिका के बीच गतिरोध दूर करने के लिए हाल ही में विदेश...

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अपनी हदों में रहें तो ही बेहतर - शंकर शरण

इधर न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच विवाद की खबरें लगातार आ रही हैं। वित्त मंत्री ने संसद में कहा न्यायपालिका इतना हस्तक्षेप कर रही है कि लगता है कार्यपालिका के पास बजट पास करने के सिवाय कोई काम नहीं बचेगा। न्यायपालिका हर बात में घुसपैठ करती रहती है। इसके बाद रक्षा मंत्री ने कहा कि न्यायाधीशों की कई टिप्पणियां बेमतलब होती हैं। इसके बाद एक और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी...

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कोलेजियम प्रणाली में सुधार पर फैसला बुधवार को

नई दिल्ली। कोलेजियम प्रणाली में पारदर्शिता लाने पर सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला बुधवार को सुना सकती है। हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में न्यायधीशों की नियुक्ति के लिए 1993 में न्यायधीशों की कोलेजियम प्रणाली का गठन किया गया था। हाल ही में पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने केंद्र सरकार के राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (एनजेएसी) अधिनियम को खारिज कर दिया और 99वें संविधान संशोधन को निरस्त कर दिया। इस फैसले...

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जजों की नियुक्ति : अपने-अपने तर्क

कॉलेजियम सिस्टम पर चल रही बहस के दो छोर हैं। एक का दावा है कि हमारे देश के सर्वशक्तिमान न्यायाधीशों की नियुक्ति और तबादले का अधिकार कुछ न्यायाधीशों के पास केवल इसलिए रहना चाहिए, क्योंकि वे न्यायपालिका परिवार का हिस्सा होने के कारण उनके बारे में बेहतर समझ रखते हैं। दूसरा छोर कहता है कि उसमें आम जनता के नुमाइंदों की भी भागीदारी होनी चाहिए, क्योंकि न्यायाधीश केवल न्यायपालिका के...

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अदालत बनाम हुकूमत की नौबत! - संतोष कुमार

राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (एनजेएसी) कानून को असंवैधानिक ठहराने के सर्वोच्च अदालत के फैसले के बाद से ही इस पर सरकार और न्यायपालिका के बीच ठनी हुई है। सर्वोच्च अदालत कॉलेजियम प्रणाली पर अडिग है, अलबत्ता उसने इसमें सुधार के लिए लोगों से सुझाव जरूर मांगे हैं। सरकार भी इस मत पर कायम है कि एनजेएसी को असंवैधानिक ठहराने का फैसला संसदीय संप्रभुता को झटका है। वर्ष 1788 में प्रकाशित 'फेडरलिस्ट...

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