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उत्तर प्रदेश: एक शहर का कहर- जयप्रकाश त्रिपाठी

कहीं कब्रिस्तान और श्मशान पर कब्जा तो कहीं तालाब पाटकर बनती बहुमंजिला इमारतें. कहीं फर्जी रजिस्ट्री तो कहीं बिना मुआवजा दिए ही जमीन का अधिग्रहण. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक हाईटेक टाउनशिप की आड़ में हो रही इन कारगुजारियों से परेशान हजारों किसानों की फरियाद सुनने वाला कोई नहीं. जयप्रकाश त्रिपाठी की रिपोर्ट. रसूखदार और ताकतवर के लिए उत्तर प्रदेश में नियम-कानून कोई मायने नहीं रखते, यह हाल के...

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मासूम गिरोहों की दिल्ली- प्रियंका दुबे

समाज व व्यवस्था की उदासीनता और वयस्क अपराधियों की सक्रियता की वजह से दिल्ली में बच्चों के कई आपराधिक गिरोह पनप रहे हैं. प्रियंका दुबे की रिपोर्ट. गर्मियों की एक दोपहर. नई दिल्ली रेलवे स्टेशन. नई-दिल्ली-गुवाहाटी राजधानी एक्सप्रेस अपनी यात्रा पूरी कर चुकी है. यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर उतारने के बाद खाली हो चुकी ट्रेन धुलाई-सफाई के लिए रेलवे स्टेशन के पीछे बने यार्ड की तरफ बढ़ रही है. अचानक एक कोच...

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जुर्म की जड़ें- प्रियंका दुबे

एक महीने में बलात्कार की 15 घटनाएं. आखिर क्या वजह है कि हरियाणा में महिलाएं इस कदर असुरक्षित हो गई हैं? प्रियंका दुबे की रिपोर्ट. देश की राजधानी दिल्ली से लगभग 90 किलोमीटर दूर हरियाणा के सोनीपत जिले का गोहाना कस्बा. पुलिस उपअधीक्षक के दफ्तर के बाहर बने बड़े-से बरामदे में लगभग 15 आदमी दो महिलाओं को घेरे खड़े हैं. सभी आपस में ठेठ हरियाणवी में बात कर रहे हैं और महिलाओं...

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बुखार का कहर: 7 साल, 5000 मौत, सुधार के सिर्फ दावे- अजयेंद्र राजन

लखनऊ. जापानी इंसेफ्लाइटिस (जेई) और एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) पिछले करीब एक दशक से पूर्वी उत्तर प्रदेश में काल बनकर कहर बरपा रहा है। पिछले सात सालों में इसने पूर्वांचल के करीब 5000 लोगों की जान ले ली है। पिछले आठ महीनों में ही करीब 292 लोग मौत के शिकार हो चुके हैं। इसी क्रम में गुरुवार को गोरखपुर के बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज में दिमागी बुखार से पीडि़त पांच बच्चों...

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अगवा बचपन, बंधुआ बचपन- प्रियंका दुबे की रिपोर्ट(तहलका)

क्या हम जो खा रहे हैं उसे दिल्ली से अगवा बच्चे आस-पास के इलाकों में बंधुआ मजदूर बनकर उगा रहे हैं? प्रियंका दुबे की रिपोर्ट.    दिल्ली में जहांगीरपुरी की एक झुग्गी बस्ती में रहने वाला 14 साल का महेंद्र सिंह सात अगस्त, 2008 की सुबह रोज की तरह घर से शौच के लिए निकला था. इसके बाद उसका कुछ पता नहीं चला. घरवालों ने उसे तलाशने की न जाने...

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