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कोविड-19 संकट के बीच मजदूरों को आर्थिक सहयोग देने की वित्तीय क्षमता रखती है भारत सरकार

-द प्रिंट,  कोरोनावायरस केंद्र और राज्य सरकारों के लिए नई चुनौती बन कर सामने आया है. इसके मद्देनजर अर्थशास्त्रियों ने भी सरकार के सामने कई तरह के सुझाव रखे हैं. आर्थिक विशेषज्ञों ने एक बात स्पष्टता से रखी है- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा घोषित सहयोग पैकेज कामगार जनता को भूख से बचाने के लिए पर्याप्त नहीं है और अंतर्राष्ट्रीय मानकों के आगे बहुत छोटा है. यूनिवर्सल बेसिक इनकम (यूबीआई), अन्न...

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पहले कर्फ्यू और अब लॉकडाउन, जम्मू-कश्मीर के सेब, केसर और चेरी किसानों का क्या होगा?

-गांव कनेक्शन, "सेब के पेड़ों के बीच ही बड़ा हुआ हूं। जब से जानने लायक हुआ, तब से यही काम कर रहा हूं। हमारी कई पीढ़ियां इसी में खप गईं। नुकसान तो पिछले साल से ही हो रहा है, क्या करें, कुछ और कर भी तो नहीं सकते। हमारी किस्मत में यही सब लिखा है," जम्मू कश्मीर के जिला कुपवाड़ा में रहने वाले इम्तियाज यारू (55) कहते हैं। लॉकडाउन की वजह...

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तीसरी दुनिया: वायरस पर नियंत्रण के बहाने दुनिया को एबसर्ड थिएटर में बदलती सरकारें

-मीडियाविजिल, लंदन से प्रकाशित दैनिक ‘इंडिपेंडेंट’ ने अपनी एक रिपोर्ट में इस बात पर चिंता जाहिर की है कि कई देशों की सरकारें कोरोना वायरस पर नियंत्रण के बहाने अपने उन कार्यक्रमों को पूरा करने में लग गयी  हैं जिन्हें पूरा करने में जन प्रतिरोध या जनमत के दबाव की वजह से वे तमाम तरह की बाधाएं महसूस कर रहीं थीं। रिपोर्ट के अनुसार 16 मार्च को संयुक्त राष्ट्र से संबद्ध विशेषज्ञों...

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कोविड-19 से निपटने के लिए भारत तैयार कर रहा है 100 दिन की योजना

-द प्रिंट, नीति आयोग ने कोरोनावायरस महामारी से निपटने के लिए एक 100 दिन की योजना तैयार करना शुरू किया है. नीति आयोग के प्रमुख अमिताभ कांत और मेंबर (स्वास्थ्य) वीके पॉल के नेतृत्व में एक विस्तृत योजना बनाई जा रही है जिसमें अगले तीन महीने में आने वाली आपातकालीन ज़रूरतों का आकलन किया जा रहा है. अगर कोरोनावायरस और भयानक रूप लेता है तो ये योजना काम में आयेगी. इस योजना...

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कोरोना वायरस: सवाल करने का मतलब सरकार को कमज़ोर करना नहीं है

-द वायर, आलोचना हमें महामारी से बचाएगी, आज्ञाकारिता नहीं. कोरोना वायरस का मुकाबला करने के लिए हमें एक गणतंत्र होना चाहिए. यह कहा मधु त्रेहन ने जिनके तजुर्बे और समझदारी पर संदेह करने का कारण नहीं. लेकिन एकता की यह नेक सलाह देने के पहले उन्हें ज़रूरी लगा कि वे अरुंधति राय पर व्यंग्य करें और कहें कि राय से माफ़ी मांगते हुए वे कहना चाहती हैं कि अभी हमें एक के...

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