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राजस्थान: दर-बदर रहने वाले घूमंतु समुदाय भुगत रहे हैं लॉकडाउन का खामियाज़ा

-द वायर,  मध्य प्रदेश के गुना के रहने वाले 300 से ज्यादा घूमंतु समुदाय के लोग महीने भर पहले ही जैसलमेर के फतेहगढ़ क्षेत्र में जीरा कटाई के लिए आए थे. हर साल की तरह थोड़ी मजदूरी मिलने लगी थी कि 25 मार्च को देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा हो गई. गुना से करीब 900 किमी सफर कर मजदूरी करने आए ये लोग यहीं फंस गए. पांच दिन जमा राशि खर्च कर मदद का...

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अनुसूचित जातियों के ख़िलाफ़ 32 व जनजातियों के ख़िलाफ़ 55 फीसदी अपराध बढ़े: गुजरात सरकार

गुजरात विधानसभा में पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में सरकार की ओर से बताया गया है कि साल 2013 और 2017 के बीच अनुसूचित जातियों के ख़िलाफ़ अपराधों में 32 प्रतिशत की वृद्धि हुई. वहीं अनुसूचित जनजातियों के ख़िलाफ़ अपराधों में 55 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. इस संबंध में कांग्रेस विधायक ने सितंबर 2018 में सवाल पूछा था जिसके जवाब में गुजरात सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री...

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क्यों सरकारी योजनाओं के बावजूद झारखंड की आदिम जनजातियों को खाने की किल्लत से दो-चार होना पड़ता है- विवेक कुमार

झारखंड के लातेहार ज़िले के मनिका प्रखंड के सेवधरा गांव के अमरेश परहैया अपने परिवार के साथ में विभिन्न मूलभूत सुविधाओं से दूर अपना जीवन बिता रहे है. परिवार की आय का मुख्य स्रोत अकुशल मज़दूरी है. इनके पास खेती योग्य भूमि नही हैं. अमरेश को मुश्किल से एक महीने में 8 से 10 दिन ही 150 रुपये/प्रतिदिन की मज़दूरी दर पर काम मिल पाता है. अनाज की कमी और आर्थिक...

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बीते 6 सालों से SC और ST में बेरोजगारी की बढ़त बहुत ज्यादा..!

चौंकिए कि सबका साथ, सबका विकास के गूंजते चुनावी नारों के बीच एक चौंकाने वाली खबर आई लेकिन मीडिया के एक बड़े हिस्से में रिपोर्ट होने से रह गई ! बीते पांच सालों में देश में बेरोजगारी बड़ी तेजी से बढ़ी है और समाज के वंचित तबकों में बेरोजगारी की बढ़त कहीं ज्यादा तेजी से हुई है.   केंद्रीय नियोजन राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने संसद के बजट-सत्र में सदन को बताया कि...

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वनाधिकार कानून-- दिन भर चले अढ़ाई कोस!

आदिवासी समुदाय को जमीन पर हकदारी देने वाले वनाधिकार कानून पर अमल का अंदाजा इस तथ्य से लगाइए कि इस साल के जून महीने के आखिर तक राष्ट्रीय स्तर पर वनपट्टों पर दावेदारी के तकरीबन 50 फीसद मामले खारिज किए गए हैं. खारिज किए गए ये मामले कुल 19 राज्यों के हैं.   जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा वनाधिकार कानून के क्रियान्यवयन से संबंधित जारी नये आंकड़ों से इस तथ्य का खुलासा होता...

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