पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें इन दिनों खबरों में हैं। मई के दूसरे पखवाड़े में पेट्रोल और डीजल के खुदरा मूल्य लगातार 16 बार बढ़े। 28 मई को तो ये पिछले चार वर्षों के सबसे ऊंचे स्तर पर जा पहुंचे थे। हालांकि 29 मई को प्रति लीटर एक पैसे की कमी की गई थी, जिसे मजाक ही कहा जा सकता है। इसके बाद 5 जून तक हर दिन इसकी कीमतें कुछ-कुछ...
More »SEARCH RESULT
रुपया कमजोर होने के कारण-- संदीप बामजई
विदेशी निवेशक जब अपना रुपया भारतीय बाजार से निकालते हैं, तो डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत कम हो जाती है. पिछले एक माह में विदेशी निवेशकों ने दो बिलियन डॉलर से अधिक रकम भारतीय शेयर बाजार से निकाल लिया है. नतीजन, डॉलर की तुलना में रुपये की कीमत में गिरावट तय है. इसका दूसरा समानांतर पहलू यह है कि इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमत लगातार बढ़ती...
More »ऊर्जा जरूरतों के लिए दूरदर्शी नजरिया- जी पार्थसारथी
हमारे पश्चिमी आसपड़ोस में आज शिया-सुन्नी झगड़े के अलावा अरब-फारसी-इस्राइली प्रतिद्वंद्विता से जिस तरह की भू-राजनीतिक स्थितियां बनी हैं, उस तरह के हालातों का सामना भारत को 1973 में हुए अरब-इस्राइली युद्ध के बाद वाले लगभग चार दशकों से नहीं करना पड़ा है। तब सऊदी अरब के नेतृत्व में अरब तेल निर्यातक संघ (ऑर्गेनाइजेशन ऑफ अरब पेट्रोलियम एक्सपोर्टिंग कंट्रीज) ने कनाडा, जापान, नीदरलैंड, अमेरिका और यू.के. को तेल देने पर...
More »तेल पर मिलकर चलने को तैयार - सुषमा रामचंद्रन
हाल ही में ऐसे संकेत मिले हैं कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से निपटने के लिए भारत और चीन मिलकर प्रयास कर सकते हैं। यदि ऐसा है तो यह निश्चित ही स्वागतयोग्य घटनाक्रम है। इसका मतलब है कि आर्थिक हितों को तवज्जो देते हुए विदेश नीति में अब कहीं ज्यादा व्यावहारिक रवैया अपनाया जा रहा है। दुनिया में अमेरिका के बाद भारत और चीन कच्चे तेल...
More »चकाचौंध से उमजी समस्याएं -- अभिनीत मोहन
पिछले दिनों ‘जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियासाइंसेज' के शोधकर्ताओं ने चेताया कि दुनिया में प्रकाश प्रदूषण (लाइट पॉल्यूशन) तेजी से बढ़ रहा है और अगर इस पर नियंत्रण नहीं लगा तो आने वाले वर्षों में इंसानों, जानवरों और पेड़-पौधों का जीवन चक्र बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। शोधकर्ताओं ने ‘साइंड एडवांसेज जर्नल' में प्रकाशित अपने शोध में बताया है कि अगर रातों को रोशन करने वाली स्ट्रीट लाइट और...
More »