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रबी का रकबा बढ़ा नहीं घटा है वित्तमंत्री जी !

नोटबंदी के असर को नकारने के लिए सरकार भले कहे कि रबी की बुवाई का रकबा 2016-17 में बढ़ा है लेकिन सच्चाई इसके उलट है.रबी का बुवाई का रकबा बढ़ा नहीं घटा है, बशर्ते तुलना के लिए आप ऐसे साल को चुने जो मॉनसून के लिहाज से सामान्य साल साबित हुआ हो.   नोटबंदी के तकरीबन दो महीने बाद नये साल की पूर्व संध्या पर प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा : "...दोस्तों, बीते...

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दलहन की बुवाई के रकबे में रिकार्ड वृद्धि !

खरीफ की मुख्य फसलों के सकल बुवाई क्षेत्र में पिछले खरीफ मौसम की तुलना में इस बार बढोत्तरी हुई है और सर्वाधिक उल्लेखनीय वृद्धि दलहन के रकबे में हुई है. इस माह जारी कृषि मंत्रालय के एक दस्तावेज के मुताबिक चावल, दाल और मोटहन की बुवाई का रकबा पिछले खरीफ सीजन(जुलाई से अक्तूबर 2015-16) की तुलना में इस बार 4.2 फीसद ज्यादा है.(देखें नीचे दी गई लिंक)   दलहन का सकल बुवाई...

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मानसून की गति: कहीं जरूरत से ज्यादा, कहीं बहुत कम- निहार गोखले

अब पूरे देश में मानसून आ चुका है. लेकिन अभी तक यह हर जगह एक समान नहीं पहुंचा है. हमने मध्य प्रदेश, असम और उत्तराखंड में आई बाढ़ की भयावहता देखी है. लेकिन अभी भी गुजरात, बिहार और पश्चिमोत्तर के तमाम स्थानों पर मानसून तय सीमा से काफी पीछे दिखाई दे रहा है. भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक अब तक आठ राज्यों में सामान्य से कम बारिश (20-59 फीसदी के बीच)...

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मनरेगा की मजदूरी -- देर ना हो जाये कहीं देर ना हो जाय !

‘ मजदूरी का भुगतान ना होने और भुगतान में देरी के कारण श्रमिकों के बीच मनरेगा की साख खत्म हो गई है.'   मध्यप्रदेश में मनरेगा के क्रियान्वयन की कड़वी सच्चाई बयान करने वाला यह वाक्य ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा गठित कॉमन रिव्यू मिशन(सीआरएम) की हाल ही में जारी एक समीक्षा रिपोर्ट का है.( रिपोर्ट के लिए यहां क्लिक करें)   मनरेगा के असरदार क्रियान्वयन में फंड की कमी को बड़ी बाधा बताते हुए...

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सुलगता सवाल : क्या मॉनसून की बारिश सूखे की भरपायी कर पायेगी ? सूखते जलागार, घटता जलस्तर, पेयजल और सिंचाई के संकट पर क्या कहते हैं विशेषज्ञ, नये शोध और आधिकारिक दस्तावेज...जानने के लिए यहां क्लिक करें.

लगातार दो सालों (2014-15 और 2015-16) में सामान्य से क्रमशः 12 और 14 फीसदी कम बारिश के कारण सूखे की मार झेल चुका देश इस साल मानसून से पहले भयावह गर्मी की चपेट में है. चैत के दिन जेठ के दुपहरिया की तरह तपे और देश के कई इलाकों में अप्रैल महीने में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से लेकर 46 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा जो कि सामान्य से...

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